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जानिए क्यों और कैसे होता है महिलाओं का खतना, बेहद डरावने हैं आंकड़े

पीएम मोदी से दाऊदी बोहरा समुदाय की कई महिलाओं ने लड़कियों के खतना को गैर-कानूनी करने के लिए मदद की गुहार लगाई है।

जानिए क्यों और कैसे होता है महिलाओं का खतना, बेहद डरावने हैं आंकड़े

Women Khatna

पीएम मोदी से दाऊदी बोहरा समुदाय से आने वाली कई महिलाओं ने लड़कियों के खतना को गैर-कानूनी करने के लिए मदद की गुहार लगाई है।

फिलहाल भारत में खतना को लेकर कोई भी कानून नहीं है लेकिन बोहरा समुदाय अब भी खतना या महिला सुन्नत का पालन करता है।

महिलाओं के इस खतने को अंग्रेजी में फीमेल जेनिटल म्यूटिलेशन कहते हैं। इसके खिलाफ महिलाओं ने एक कैंपेन भी लॉन्च किया है।

लेकिन क्या आपको मालूम है कि लड़कियों का खतना कैसे होता है, इस दौरान उन्हें किस तरह का दर्द और मानसिक पीड़ा जेलनी पड़ती है।

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ये है महिला खतना की प्रक्रिया

महिला योनि के एक हिस्से क्लिटोरिस को रेजर ब्लेड से काट कर खतना किया जाता है। वहीं कुछ जगहों पर क्लिटोरिस और योनि की अंदरूनी स्किन को भी थोड़ा सा हटा दिया जाता है।
खतना की इस परंपरा के पीछे यह माना जाता है कि महिला यौनिकता पितृसत्ता के लिए खतरा है, साथ ही महिलाओं को यौन संबंध का लुत्फ उठाने का कोई अधिकार नहीं है।
ऐसी मान्यता है कि जिस भी लड़की का खतना हुआ है, वह अपने पति के लिए ज्यादा वफादार साबित होगी।
संयुक्त राष्ट्र की संस्था विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, खतना 4 तरीके का हो सकता है- पूरी क्लिटोरिस को काट देना, योनी की सिलाई, छेदना या बींधना, क्लिटोरिस का कुछ हिस्सा काटना।

नुकसान

एक ही ब्लेड से कई महिलाओं का खतना किया जाता है, जिससे उन्हें योनी संक्रमण के अलावा बांझपन जैसी बीमारियां होने का खतरा होता है।

खतने के दौरान ज्यादा खून बहने से कई बार लड़की की मौत भी हो जाती है और दर्द सहन न कर पाने पर कई लड़कियां कोमा में भी चली जाती हैं।

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हैरान करने वाले हैं आंकड़े

यूनिसेफ के आंकड़ों के अनुसार, दुनियाभर में हर साल बीस करोड़ से ज्यादा महिलाओं का खतना होता है।
इनमें से आधी महिलाएं सिर्फ इथियोपिया, मिस्र और इंडोनेशिया की होती हैं।
खतना होने वाली इन 20 करोड़ लड़कियों में से करीब 4.5 करोड़ बच्चियां 14 साल से कम उम्र की होती हैं।
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