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योग और नमाज में अंतर होता है: MRM

एमआरएम ने कहा है कि इस देश का मुसलमान अल्लाह के सिवा किसी से नहीं डरता है।

योग और नमाज में अंतर होता है: MRM

देश के सबसे बड़े सूबे उत्तर-प्रदेश के नवनियुक्त मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा योग और नमाज को एकसमान बताने के तर्क को राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) के आनुषांगिक संगठन मुस्लिम राष्ट्रीय मंच (एमआरएम) द्वारा अस्वीकार करते हुए कहा गया है कि इन दोनों में अंतर है।

* जहां योग को कोई भी व्यक्ति अच्छा स्वास्थ्य पाने व ऊर्जावान रहने के लिए करता है। वहीं मुस्लिम समाज नमाज को अल्लाह की इबादत यानि पूजा के तौर पर करता है।

* इबादत में मुसलमान अल्लाह से अपने सभी गुनाहों को माफ करके जिदंगी की तमाम समस्याओं को दूर करने की दुआ करता है।

* जबकि योग व खासकर सूर्यनमस्कार जिसका सीएम आदित्यनाथ ने जिक्र किया है, उसमें ऐसा नहीं होता है। इसका संबंध शरीर को चुस्त-दुरूस्त रखने के लिए किया जाता है।

कुछ मुद्राएं समान

* मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के उच्चपदस्थ सूत्रों ने हरिभूमि को बताया कि उत्तर-प्रदेश के मुख्यमंत्री ने सूर्यनमस्कार को लेकर जो बात कही है।

* वो हिंदू और मुसलमान दोनों तबके के लोगों के बीच समानता को लेकर एक कड़ी स्थापित करने के लिए कही गई है। इसलिए अगर वो कह रहे हैं कि समानता पायी जाती है, तो उसमें कोई बुराई नहीं है।

* लेकिन हकीकत में देखें तो सूर्यनमस्कार और नमाज की कुछ ही मुद्राएं एक जैसी हैं। लेकिन यूपी से निकला यह तर्क दोनों बिरादरियों को एक स्थान पर खड़ा करने में मददगार तो जरूर साबित होगा।

सीएम का बयान

* बीते बुधवार को उ.प्र.के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में योग महोत्सव कार्यक्रम में कहा था कि योग किसी जाति, धर्म, संप्रदाय, उम्र और लिंग का मोहताज नहीं है।

* असल में सूर्यनमस्कार में प्राणायाम की क्रियाएं और नमाज की मुद्राएं एक जैसी हैं। अगर आप सूर्य नमस्कार करते हुए देखेंगे, तो आपको यह वैसे ही लगेगा, जैसे मुस्लिम नमाज पढ़ते हैं।

* सूर्य नमस्कार में जितने आसन आते हैं, उसमें जो प्राणायाम की क्रियाएं हैं। वो मुस्लिम भाई जो नमाज पढ़ते हैं, उससे मिलती-जुलती हैं।

समाज का न बरगलाएं बुखारी

एमआरएम ने दिल्ली की जामा मस्जिद के शाही इमाम मौलाना सैयद अहमद बुखारी द्वारा उ.प्र.की कमान योगी को सौंपे जाने के विरोध में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखे गए पत्र पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि इस देश का मुसलमान अल्लाह के सिवा किसी से नहीं डरता है।

पीएम और सीएम तो केवल मानव मात्र हैं। उनसे डरने की कोई जरूरत नहीं है। शाही इमाम इस तरह की बात कहकर मुसलमानों को बरगलाना बंद करें। गौरतलब है कि इमाम ने अपने पत्र में कहा था कि उ.प्र. की कमान योगी आदित्यनाथ को सौंपे जाने के बाद हिंदूस्तान का मुस्लिम दहशत में है।

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