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पैगंबर के वंशज ने कहा- पीएम को GST लाने से पहले लेनी थी मनमोहन से सलाह

मनमोहन सिंह की सरकार ने जब देश में 14 फीसदी दर से जीएसटी लाने की कोशिश की, तो बीजेपी ने विरोध किया था।

पैगंबर के वंशज ने कहा- पीएम को GST लाने से पहले लेनी थी मनमोहन से सलाह

पैगंबर इस्लाम हजरत मोहम्मद साहब के वंशज और किछौछा शरीफ मोहम्मद अशरफ अशरफी ने कहा है, जीएसटी अच्छी चीज है। लेकिन इसे लाते वक्त सरकार को तजुर्बेकार अर्थ के जानकारों से राय लेनी थी।

मसलन पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह, पूर्व वित्तमंत्री पी. चिदंबरम ये दोनो विश्व के टाप क्लास अर्थशास्त्री हैं। लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने ऐसा न कर उस शख्स से मशविरा किया, जिसका ये सब्जेक्ट ही नहीं था।

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मीडिया से रूबरू हुए मुस्लिम समाज के धर्मगुरु मोहम्मद अशरफ अशरफी ने जीएसटी पर अपनी बात पूरी करते हुए कहा, पूर्व में डॉ. मनमोहन सिंह की सरकार ने जब देश में 14 फीसदी दर से जीएसटी लाने की कोशिश की, तो भारतीय जनता पार्टी ने उस समय इसका जमकर विरोध किया।

आज उसी पार्टी की सरकार सत्ता में आते ही 28 फीसदी जीएसटी लेकर आई है। इससे देशभर के व्यापारी परेशान हैं, अर्थव्यवस्था संभल नहीं रही और अच्छा ग्रोथ नजर नहीं आ रहा।

अकेले हज नहीं जा सकती महिलाएं

किछौछा शरीफ मोहम्मद अशरफ अशरफी ने केंद्र सरकार की नई हज नीति में मुस्लिम महिलाओं के अकेले हज जाने पर दी गई व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह गलत है, कोई भी औरत बगैर अपने माता-पिता, भाई या शौहर के हज तो क्या, घर के बाहर बाजार तक नहीं जा सकती।

केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी के उस वक्तव्य पर ऐतराज जताया कि महिलाएं हज पर अकेली जा सकती हैं।

उन्होंने कहा, नकवी साहब को इतनी समझ नहीं कि इस्लाम को समझ सकें, क्योंकि इस्लाम में 1400 साल पहले यह स्पष्ट व्यवस्था दे रखी है कि कोई भी औरत बगैर माता-पिता, भाई बहन या शौहर के घर से बाहर नहीं जा सकती। यह हमारी बहू-बेटियों की सुरक्षा से जुड़ा सीधा मामला है।

रोहिंग्या के मुसलमानों के लिए दरवाजा खोले सरकार

मुस्लिम समाज के धर्मगुरु ने रूबरू में कहा, रोहिंग्या के मुसलमानों के लिए सरकार को दरवाजे खोलने चाहिए। जिस तरह तिब्बतियों के लिए भारत में सुविधाएं दी गई हैं, उनके लिए कालेज, अस्पताल हैं, उसी तरह रोहिंग्या के हिंदू और मुसलमान के लिए भी सहूलियत दी जाए। इसके लिए हुकूमत दबाव बनाए।

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