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मराठा आरक्षण आंदोलन: आरक्षण की आग पड़ी ठंडी, मराठा क्रांति मोर्चा ने मुंबई बंद वापस लिया

महाराष्ट्र क्रांति मोर्चा मराठा आऱक्षण आंदोलन दूसरे दिन भी जारी है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सरकार हमारी मांगों को जल्द पूरा करे। मराठा आरक्षण को लेकर अध्यादेश लाए इसके बाद ही आंदोलन बंद होगा।

मराठा आरक्षण आंदोलन: आरक्षण की आग पड़ी ठंडी, मराठा क्रांति मोर्चा ने मुंबई बंद वापस लिया

महाराष्ट्र क्रांति मोर्चा मराठा आऱक्षण आंदोलन दुसरे दिन भी जारी है। भारत की मायानगरी मुंबई की सड़के विरान पड़ी है। बड़े-बड़े मॉल-दुकान में ताला लटके दिख रहे है। मोर्चा की ओर से दुसरे दिन मुबंई में हड़ताल किया गया है। आंदोलन के पहले दिन का खौफ लोगों के चेहरे पर साफ दिख रहा है। यहां तक कि सुबह लोग सड़कों पर टहलते हुए भी नहीं दिखे।

मराठा की आग थोड़ी ठंडी पड़ी है। लोगों के राहत के लिए मराठा क्रांति मोर्चा ने मुंबई बंद वापस लिया है। मोर्चा का कहना है कि लोग घर वापस जा सके इसलिए मुंबई बंद वापसी की घोषणा की है।
आरक्षण की मांग को लेकर मंगलवार को दो प्रदर्शनकारियों ने आत्महाद की कोशिश की थी। उसमें से एक को जहर खाने के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई है। मृतक आंदोलनकारी का नाम जगन्नाथ सोनावने बताया जा रहा है।
थाणे में प्रदर्शनकारियों का गुस्सा सरकारी बस पर फूटा और बस को तोड़ दिया है। इसके अलावा पत्थरबाजी करते भी नजर आ रहे है। प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस बल की तैनाती बढा दी गई है।
आंदोलनकारियों के गुस्से की आग रेलवे स्टेशन तक पहुंच गई है। भारी संख्या में प्रदर्शकारी जोगेश्वरी स्टेशन पर पहुंच गए हैं और वहां पर लोकल ट्रेन को रोक दी है। संभावना है कि इससे बाकि ट्रेन सेवा भी बाधित होंगी।
बीजेपी कार्यालय पर भी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। ऐसा माना जा रहा है कि गुस्साए प्रदर्शनकारी कार्यालय पर हमला बोल सकते हैं।
महाराष्ट्र क्रांति मोर्चा की ओर से मराठा आरक्षण को लेकर मुबंई में बंद का नजारा साफ दिख रहा है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सरकार हमारी मांगों को जल्द पूरा करे। मराठा आरक्षण को लेकर अध्यादेश लाए इसके बाद ही आंदोलन बंद होगा। मोर्चा की ओर से मराठियों के लिए सरकारी नौकरी ओर शिक्षण संस्थानों में आरक्षण की मांग रखी गई है। हालांकि इसको लेकर सरकार की ओर से कोई बयान नहीं मिला है।
बता दें कि आंदोलन के पहले दिन ही मोर्चा के कार्यकर्ता ने गोदावरी नदी में कूदकर जान देने के बाद महाराष्ट्र बंद की घोषणा कर दी गई। इसके बाद आंदोलन और भी उग्र हो गया। दो और कार्यकर्ताओं ने खुदकुशी की कोशिश की। पहले दिन कार्यकर्ताओं ने ना केवल जमकर हंगामा किया बल्कि इस दौरान गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने पब्लिक ट्रांसपोर्ट पर हमला किया, यहां तक की ट्रक को आग के हवाले कर दिया। इस दौरान पुलिस पर भी हमला किया गया।
इसके अलावा शिवसेना के एक सांसद चंद्र कांत खैरे पर हमला बोला गया और उनकी गाड़ी तोड़ डाली। साथ ही मुख्यमंत्री फणविस का दौरा भी रद्द कर दिया गया है। बिगड़ते हालात को देखकर पुलिस बल की तैनाती की गई है। साथ ही औरंगाबाद की इंटरनेट सेवा भी ठप हो गई है। उग्र भीड़ को देखकर हरियाणा के जाट आंदोलन की याद आ रही है। जाट आंदोलन के दौरान भी हरियाणा प्रदर्शनकारियों के आग में झुलस गया था।
गोदावरी नदी में कूदकर जान देने वाले युवक की मौत पर प्रशासन ने फौरन एक्शन लिया। प्रशासन की ओर से कहा गया है कि मृतक के परिवार को सरकारी नौकरी और मुआवजा की राशि दी जाएगी जबकि प्रदर्शनकारी मराठियों के लिए सरकारी नौकरी ओर शिक्षण संस्थानों में आरक्षण की मांग पर अड़े हुए हैं।
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