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सपा में फिर फूट: मुलायम, अखिलेश के बाद शिवपाल की लिस्ट जारी

देर रात शिवपाल यादव ने मुलायम से मीटिंग के बाद 68 कैंडिडेट्स की एक और लिस्‍ट जारी कर दी।

सपा में फिर फूट: मुलायम, अखिलेश के बाद शिवपाल की लिस्ट जारी
लखनऊ. उत्तर प्रदेश में चुनावी माहौल हर घंटे दिलचस्प और उलझाऊ होता जा रहा है। समाजवादी पार्टी के भीतर मचा घमासान सांत होनो का नाम ही नहूम ले रही है। पार्टी सुप्रीमो जहां अपने ही बेटे अखिलेश पर सख्त नजर आ रहे हैं वहीं शिवपाल पर मुलायम। अखिलेश यादव ने यूपी की 403 विधानसभा सीटों में से 235 सीटों पर कैंडिडेट्स की अपनी लिस्ट गुरुवार रात जारी कर दी। इसके जवाब में देर रात शिवपाल यादव ने मुलायम से मीटिंग के बाद 68 कैंडिडेट्स की एक और लिस्‍ट जारी कर दी।
एनडीटीवी की खबर के मुताबिक, पहले मुलायम सिंह यादव ने 325 सीटों के लिए उम्मीदवारों की लिस्ट जारी की। लिस्ट में अखिलेश के कई करीबियों का पत्ता साफ हो चुका था। अखिलेश ने भी ज्यादा इंतजार नहीं किया और अगले ही दिन 235 उम्मीदवारों की लिस्ट जारी कर दी। अखिलेश की लिस्ट में उनकी बगावत साफ नजर आई क्योंकि उन्होंने 32 अलग नामों को चुना था। चाचा शिवपाल ने भी देरी नहीं की और देर रात 68 उम्मीदवारों की सूची जारी की।

पिता, पुत्र और साले तीनों को टिकट
शिवपाल यादव की सूची से फर्रूखाबाद के अमृतपुर से सांसद धर्मेंद यादव के पूर्व ससुर नरेंद्र सिंह का पत्ता कट गया है। उनकी जगह सीएम के करीबी नेता सुबोध यादव को टिकट दिया गया है। शिवपाल ने पहली बार पिता, पुत्र और साले तीनों को टिकट दिया है। रामेश्वर सिंह (पिता) को एटा, सुबोध यादव (पुत्र) को फर्रूखाबाद और कैप्टन अर्जुन यादव (साले) को बंदायू से टिकट दिया गया है।
पूर्व राज्यपाल के बेटे को टिकट
मध्य प्रदेश के पूर्व राज्यपाल नरेश यादव के बेटे अजय यादव को आजमगढ़ के फूलपुर सीट से टिकट मिला है। शिवपाल ने अखिलेश के करीबी राज्य मंत्री शैलेंद्र यादव उर्फ ललई यादव को दरकिनार कर दिया। इसके अलावा रामगोपाल यादव के करीबी राजू यादव को भी मौका नहीं मिला। अखिलेश के करीबी राज्यमंत्री हेमराज वर्मा का पीलीभीत (बरखेड़ा) से टिकट कट गया है। उन्नाव (भगवंतनगर) से सिटिंग एमएलए कुलदीप सेंगर का टिकट भी काट दिया गया है।
अखिलेश के करीबी विधायक का पत्ता कटा
बीकेटी से गोमती यादव की जगह रामपाल यादव के समधी राजेंद्र यादव को टिकट दिया गया है। इसौली से आजम खान के करीबी विधायक अबरार अहमद और अखिलेश के करीबी राज्यमंत्री पप्पू निषाद को मौका नहीं दिया गया है। अखिलेश के ही करीबी विधायक श्याम बहादुर का फूलपूर पवई से पत्ता कट गया है।
समाजवादी पार्टी दो खेमों में बंट गई
फिलहाल तो यह साफ है कि समाजवादी पार्टी दो खेमों में बंट गई है। एक खेमे में टीपू यानी अखिलेश यादव और उनके समर्थक हैं तो दूसरे में उनके चाचा शिवपाल और उनके समर्थक। पार्टी सुप्रीम बेटे अखिलेश के बजाय भाई शिवपाल के साथ हैं जबकि, रामगोपाल यादव अखिलेश के समर्थन में हैं। पार्टी के अंदर कड़वाहट उस वक्त साफ नजर आई जब मुलायम ने अखिलेश की पसंद का खयाल न करते हुए उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी कर दी थी। इस हफ्ते उत्तर प्रदेश में चुनावों की तारीखों का ऐलान हो सकता है।
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