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देश को बड़ा बनाना है तो देश के लिए जीना सीखाना होगा : मोहन भागवत

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत ने गुरुवार को नागपुर में प्रहार समाज जागृति संस्था के रजत जयंती कार्यक्रम के अवसर पर कहा कि लड़ाई हुई तो सारे समाज को लड़ना पड़ता है। सीमा पार सैनिक जाते हैं। सबसे ज्यादा खतरा वो मोल लेते हैं।

देश को बड़ा बनाना है तो देश के लिए जीना सीखाना होगा : मोहन भागवत

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत ने गुरुवार को नागपुर में प्रहार समाज जागृति संस्था के रजत जयंती कार्यक्रम के अवसर पर कहा कि लड़ाई हुई तो सारे समाज को लड़ना पड़ता है। सीमा पार सैनिक जाते हैं। सबसे ज्यादा खतरा वो मोल लेते हैं।

खतरा मोल के बाद भी उनकी हिम्मत कायम रहे, सामग्री कम न पड़े, अगर किसो का बलिदान हो गया तो उसका परिवार को कमी न हो, ये चिंता समज को करनी पड़ती है।

उन्होंने आगे कि और इस लिए अपने देश के लिए मरने का एक समय था, जब स्वतंत्रता नहीं थी। अब आजादी के बाद अपने देश के लिए मरने का समय सीमाओं पर रहता है जब युद्ध होता है तो।

मोहन भागवत ने कहा कि यहां युद्ध नहीं है तो भी शहीदियां होती हैं, कारण है कि हम अपना काम ठीक से नहीं कर रहे। नहीं तो किसी के साथ युद्ध नहीं है तो सीमा पर सैनिक के मरने का कारण नहीं है लेकिन होता है। उसको ठीक करना है, देश को बड़ा बनाना है तो देश के लिए जीना सीखाना होगा।

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