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पीएम मोदी आज भी स्वयं सेवक: मोहन भागवत

मंच पर संघ प्रमुख के साथ भाजपा अध्यक्ष अमित शाह भी मौजूद थे।

पीएम मोदी आज भी स्वयं सेवक: मोहन भागवत

संघ प्रमुख मोहन भागवत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जमकर प्रशंसा की। मौका था, सुलभ इंटरनेशल के संस्थापक डा. बिंदेश्वर पाठक द्वारा लिखी गई पुस्तक ‘नरेंद्र मोदी द मेकिंग ऑफ ए लिजेंड’ के लोकार्पण का।

कांस्टीट्यूशन क्लब का मावलंकर हॉल खचाखच भरा हुआ था। मंच पर संघ प्रमुख के साथ भाजपा अध्यक्ष अमित शाह भी मौजूद थे। भागवत ने कहा कि नरेंद्र मोदी ने अपने जीवन में स्वयंसेवक के चरित्र को आज भी बनाए रखा है और जो वो कल थे वही आज भी है ।

जिस प्रकार का भी दायित्व उन्हें दिया गया उन्होंने बखूबी निभाया। पहली बार संघ प्रमुख ने न केवल प्रधानमंत्री खुलकर प्रशंसा की बल्कि उन्होंने भाजपा की उस रणनीति पर अपनी मुहर भी लगा दी जिसके तहत 2019 के अगले लोकसभा चुनाव में जीत की मोहरें अभी से सजाई जा रही हैं।

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भागवत ने अमित शाह की ओर मुखातिब होकर कहा, अमित भाई 2024 तक के लिए अभी सोच रहे हैं। जब कि मैंने हिदायत दी है कि उसके आगे की सोचो ताकि आने वाले समय में भारत अपने गौरवपूर्ण अतीत को पुन: दोहरा सके।

संघ प्रमुख मोहन राव भागवत ने कहा है कि समाज को बाहरी छवि से कुछ नहीं मिलता है वही अंदरूनी शक्ति व्यक्ति को निखारता है इसलिए हम सब को व्यक्ति के बाहरी छवि के साथ साथ अंदुरूनी सोच को भी देखना और समझना चाहिए।

नरेंद्र मोदी पर लिखे पुस्तक पर मंच से त्वरित प्रतिक्रिया देते हुए मोहन भागवत ने कहा, महान लोगों के काम के आधार पर चरित्र लेखन किया जाता रहा है, लेकिन चरित्र लिखने वाले व्यक्ति का भी चरित्र उक्त पात्र व्यक्ति से मेल खाना चाहिए जिससे उसकी लेखनी में सजीवता आ सके।

संघ प्रमुख ने कहा कि दुनिया प्रचारक पद्धति को नहीं जानती है, लेकिन स्वंय सेवक को जानने लगी है ।

सत्ता बहुत कुछ नहीं बदल सकता हैं

भागवत ने कहा कि हमारी मानसिकता बन गई है कि हम समाज के लिए ठेकेदार तैयार करें और वो बहुत कुछ बदल देगा लेकिन ऐसा होता नहीं है । समाज को अपने से भी बहुत कुछ बदलना होगा और समाज ने बदला भी हैं।

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उन्होंने कहा कि बाह्य स्वच्छता हम सब से सम्भव है अब अपने को बदल कर समाज को साफ -सुथरा रख सकते है उन्होंने कहा कि गांधी और अम्बेडकर ने अपने स्तर पर समाज को जागृत किया उन्होंने सिर्फ लिखा ही नहीं अपितु उसे जीवन में उतारा भी । हमें अपने पूर्वजों से सीख लेनी चाहिए ।

धर्म आधारित राजनीति से देश का कल्याण

संघ प्रमुख ने कहा कि धर्म हमे सुचिता्र, दया, करुणा और जीवन जीने का तरीका सिखाता है। इसलिए धर्म आधारित राजनीति से ही देश और समाज का कल्याण सम्भव है उन्होंने कहा कि बिना करुणा के सत्य का कोई अर्थ नहीं ।

जब तक समाज में करुणा के साथ सत्य का सामांजस्य नहीं होगा तक तक समाज का विकास संभव नहीं है इस लिए हम सब को अपने जीवन शैली के आधार पर परिवर्तन लाना चाहिए ताकि समाज में समरसता आ सके।

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