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मोदी के मंत्रियों की राज्यसभा टिकट तय, शाह के सेनापतियों की टिकटों पर फंसा पेंच

भारतीय जनता पार्टी आज भी राज्यसभा के लिए उम्मीदवार तय नहीं कर पाई। राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के दिनभर त्रिपुरा में रहने की वजह से सस्पेंस खत्म नहीं हो सका।

मोदी के मंत्रियों की राज्यसभा टिकट तय, शाह के सेनापतियों की टिकटों पर फंसा पेंच

भारतीय जनता पार्टी आज भी राज्यसभा के लिए उम्मीदवार तय नहीं कर पाई। राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के दिनभर त्रिपुरा में रहने की वजह से सस्पेंस खत्म नहीं हो सका। भाजपा के छह राष्ट्रीय महामंत्रियों की उम्मीदवारी पर पेंच फंसा हुआ है। उहापोह की यह स्थिति शनिवार को स्पष्ट होने की संभावना है।

उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने केबिनेट के साथियों की राज्यसभा टिकटें पहले ही घोषित करा ली हैं। लेकिन भाजपा के राष्ट्रीय संगठन के सात महामंत्रियों में से केवल भूपेंद्र यादव की टिकट ही अब तक तय हो सकी है। भूपेंद्र यादव राजस्थान से राज्यसभा जाएंगे। छह पर पार्टी स्तर पर फैसला होना बाकी है।
पेंच इस बात पर फंसा है कि किस महामंत्री को राज्यसभा भेजा जाए और किस राज्य के कोटे से। यह छह महामंत्री हैं-मुरलीधर राव, राम माधव, सरोज पांडेय, अरुण सिंह, कैलाश विजयवर्गीय और अनिल जैन। पार्टी को अहसास है कि सबकी अपनी-अपनी उपयोगिता है और ज्यादातर सदन के सदस्य होने के स्वाभाविक दावेदार भी हैं।
माना जा रहा है कि अनिल जैन और अरुण सिंह को भाजपा यूपी के रास्ते राज्यसभा भेजेगी। दो महामंत्री ऐसे हैं जो जानाधार रखते हैं और लोकसभा के लिए भी मुफीद साबित होंगे। सरोज पांडेय अौर कैलाश विजयवर्गीय, यह दोनों जानाधार वाले नेता माने जाते हैं। पार्टी में एक धड़ा यह मानता है कि आगामी लोकसभा चुनाव के मद्देनजर इन दोनों को राज्यसभा न भेजकर लोकसभा चुनाव लड़ाना बेहतर विकल्प है। हालांकि इन दोनों को भी राज्यसभा भेजने पर गंभीर मंथन चल रहा है। उल्लेखनीय है कि सुश्री पांडेय का नाम राज्यसभा के लिए पैनल में छत्तीसगढ़ से भेजा भी गया है।

सरोज महाराष्ट्र से संभव

सूत्र बताते हैं कि छत्तीसगढ़ से राज्यसभा के लिए प्रदेशाध्यक्ष धरमलाल कौशिक एवं सरोज पांडेय को मजबूत दावेदार माना जा रहा है। सामाजिक समीकरणों के चलते यदि धरमलाल कौशिक को वरीयता दी गई तो सरोज को महाराष्ट्र के रास्ते राज्यसभा लाने के विकल्प की संभावना मौजूद है।
मामले का हैरत अंगेज पहलू यह है कि मध्यप्रदेश के कद्दावर नेता कैलाश विजय वर्गीय का नाम राज्य से दिए गए पैनल में शामिल नहीं है जबकि वहां से चार व्यक्तियों को राज्यसभा में भेजा जाना संभव है।
आठवें महामंत्री रामलाल को लेकर फैसला नागपुर से होगा। भाजपा संगठन में उन्हें लेकर मंथन और पेंच नहीं है। जो नागपुर से तय होगा उस पर भाजपा की रजामंदी होगी। राम माधव की दावेदारी खासी मजबूत मानी जाती है।

12 को नामांकन में नहीं रहेंगे रमन

छत्तीसगढ़ में 11 मार्च से लोकसुराज अभियान शुरू होगा। मुख्यमंत्री डाक्टर रमन सिंह 11 मार्च को लोकसुराज के दौरान बस्तर और 12 को बिलासपुर में रहेंगे। उनका कार्यक्रम निर्धारित हो चुका है। ऐसे में सबकी निगाहें नामांकन के दौरान मुख्यमंत्री के मौजूद रहने और न रहने को लेकर लगी रहेंगी। नामांकन 12 मार्च को ही होना है।
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