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जानिए पीएम के ''मन की बात'' की मुख्य बातें

मैं देशवासियों को फिर से दोहराना चाहता हूं कि दोषी सज़ा पा कर ही रहेंगे।

जानिए पीएम के
नई दिल्ली. पीएम आज सुबह 11 बजे 'मन की बात' कार्यक्रम शुरू हुआ था। जिसमें पीएम ने जनता को रेडियो पर संबोंधित किया हैं। पीएम ने इस बार पैरालंमिक के विषय पर भी अपने विचार रखें हैं और सभी एथलिट्स की पीठ भी थपथपाई।
जानिए मन की बात कार्यक्रम में क्या कहा पीएम नरेंद्र मोदी ने -
-उरी आतंकी हमले में, 18 वीर सपूतों को हमने खो दिया। मैं इन सैनिकों को नमन करता हूं और श्रद्धांजलि देता हूं।
-ये क्षति पूरे राष्ट्र की है और मैं देशवासियों को फिर से दोहराना चाहता हूं कि दोषी सज़ा पा कर ही रहेंगे।
-हमें सेना पर भरोसा है कि देशवासी सुख-चैन की ज़िंदगी जी सकें, इसके लिए वो पराक्रम की पराकाष्ठा करने वाले लोग हैं।
-हम नागरिकों के लिए, राजनेताओं के लिए, बोलने के कई अवसर होते हैं, हम बोलते भी हैं, लेकिन सेना बोलती नहीं है। सेना पराक्रम करती है।
-कश्मीर के नागरिक देश-विरोधी ताक़तों को समझने लगे हैं,वे ऐसे तत्वों से अपने-आप को अलग करके शांति के मार्ग पर चल पड़े।
-शान्ति, एकता और सद्भावना ही हमारी समस्याओं का समाधान का रास्ता भी है, हमारी प्रगति का रास्ता भी है, हमारे विकास का भी रास्ता है।
-हर समस्या का समाधान हम मिल-बैठ करके खोजेंगे, रास्ते निकालेंगे और साथ-साथ कश्मीर की भावी पीढ़ी के लिये उत्तम मार्ग भी प्रशस्त करेंगे।
-एक छात्र के सवाल पर- उरी आतंकवादी हमले के बाद नागरिकों के मन में जो आक्रोश है, उसका एक बहुत-बड़ा मूल्य है। ये राष्ट्र की चेतना का प्रतीक है।
-1965 की लड़ाई में लाल बहादुर शास्त्री जी ने ‘जय जवान- जय किसान’ मंत्र देकर के सामान्य मानव को देश के लिए कार्य करने की प्रेरणा दी।
पैरालंपिक खिलाड़ियों का जिक्र
-दीपा मलिक ने जब मेडल प्राप्त किया, तो कहा “इस मेडल से मैंने विकलांगता को ही पराजित कर दिया है|” इस वाक्य में बहुत बड़ी ताक़त है।
-गोल्ड मेडल प्राप्त करने वाले देवेंद्र झाझरिया ने दिखा दिया कि शरीर की अवस्था, उम्र का बढ़ना, उनके संकल्प को कभी भी ढीला नहीं कर पाया।
-इस बार के पैरालंपिक में दिव्यांगजनों ने जनरल ओलंपिक के रिकॉर्ड को तोड़ दिया है। खेल से भी बढ़कर इस पैरालंपिक और खिलाड़ियों के प्रदर्शन ने, दिव्यांगों के प्रति दृष्टिकोण को, पूरी तरह बदल दिया है।
-मैं फिर एक बार, हमारे इन सभी खिलाड़ियों को बहुत-बहुत बधाई देता हूं। आने वाले दिनों में भारत पैरालंपिक के लिये भी, उसके विकास के लिए भी, एक सुचारु योजना बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
-भारत सरकार ने नवसारी की धरती पर विश्व रिकॉर्ड किया,8 घंटे में 600 दिव्यांगजनों को सुनने के लिए मशीनें फीड करने का सफल प्रयोग किया।
साभार- ndtv
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