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मोदी के मंत्रियों ने दफ्तर चमकाने के लिए फूंके 3.5 करोड़

ईरानी के मामले में हुए खर्च बड़ा हिस्सा एक नए कॉन्फ्रेंस रूम में गया।

मोदी के मंत्रियों ने दफ्तर चमकाने के लिए फूंके 3.5 करोड़
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नई दिल्ली. वित्त मंत्री अरुण जेटली, गृह मंत्री राजनाथ सिंह, विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने ऑफिस की साज-सज्जा पर एक पैसा भी खर्च नहीं किया है। वहीं, जूनियर मंत्रियों और दूसरे मंत्रालयों का कामकाज संभाल रहे लोगों ने इसके लिए करोड़ों रुपये लगाए हैं। इनमें वे नेता भी शामिल हैं, जिनके विभाग कैबिनेट फेरबदल में या तो बदले गए हैं या जिन्हें सरकार से बाहर कर दिया गया है। ईटी की ओर से आरटीआइ के जरिए पूछे गए सवालों के जवाब में पता चला कि ऑफिस इंप्रूवमेंट में प्रीमियम वॉश बेसिन से लेकर डिजाइनर ग्लास पार्टिशन और वुडेन फ्लोरिंग तक शामिल हैं। 23 मंत्रियों ने मोदी सरकार के पहले दो सालों में ऑफिस रेनोवेशन पर करीब 3.5 करोड़ रुपये खर्च किए।
जूनियर मंत्रियों के ऑफिस रेनोवेशन पर 1.16 करोड़ रुपये खर्च
ईटी दूसरे मंत्रियों के बारे में आरटीआई के जरिए पूछे गए अपने सवालों के जवाबों का इंतजार कर रहा है। 23 मंत्रियों के बीच ज्यादा खर्च करने वालों में स्मृति ईरानी, चौधरी वीरेंद्र सिंह, राज्यवर्द्धन राठौड़, उपेंद्र कुशवाहा, राम शंकर कठेरिया, जगत प्रकाश नड्डा, सांवरलाल जाट और जितेंद्र सिंह शामिल हैं। ईरानी जब एचआरडी मिनिस्टर थीं, तो उनके और दो जूनियर मंत्रियों के ऑफिस रेनोवेशन पर 1.16 करोड़ रुपये खर्च किए गए। ईरानी के ऑफिस के लिए करीब 70 लाख और दो राज्य मंत्रियों के दफ्तरों पर लगभग 40 लाख रुपये लगाए गए। ईटी के इस सवाल का जवाब नहीं मिला कि जब एचआरडी मिनिस्ट्री में पहले जूनियर मंत्री रहे हैं, तो ऐसे में जूनियर मिनिस्टर्स के लिए नए दफ्तरों की जरूरत क्यों पड़ी?
मॉड्युलर फर्नीचर के लिए 10.60 लाख लगाए
इकोनॉमिक्स टाइम्स की खबर के मुताबिक, ईरानी के मामले में हुए खर्च बड़ा हिस्सा एक नए कॉन्फ्रेंस रूम में गया। चौधरी वीरेंद्र सिंह के रूरल डिवेलपमेंट मिनिस्टर रहने के दौरान फ्लोरिंग और सीलिंग पर करीब 70 लाख रुपये खर्च किए गए। सूचना एवं प्रसारण राज्य मंत्री राठौड़, रसायन एवं उर्वरक राज्य मंत्री हंसराज गंगाराम अहीर और खान राज्य मंत्री विष्णु देव ने रेनोवेशन पर खर्च किया, लेकिन उनके सीनियर मंत्रियों ने ऐसा नहीं किया। हेल्थ मिनिस्टर जे पी नड्डा के मामले में मंत्रालय ने 22.37 लाख रुपये खर्च किए, जिसमें मॉड्युलर फर्नीचर के लिए 10.60 लाख लगाए गए। पूर्व अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री नजमा हेपतुल्ला के वक्त उनके जूनियर मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने करीब 14 लाख रुपये खर्च किए। इसमें से 7000 रुपये डस्टबिन पर लगे। नकवी ने ईटी से कहा कि उन्हें डिटेल्स पता नहीं हैं, लेकिन जब उन्होंने कार्यभार संभाला था तो उनके ऑफिस की हालत 'खराब' थी।
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