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बच्चा गोद देने के मामले में डीएम होगा फाइनल अथोरिटी

केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका गांधी ने किशोर न्याय (बालकों की देखरेख और संरक्षण) संशोधन बिल 2018 लोकसभा में पेश किया।

बच्चा गोद देने के मामले में डीएम होगा फाइनल अथोरिटी

देश में हजारों की संख्या में मौजूद अनाथ, परित्यक्त बच्चों के लिए परिवार की खोज को आसान बनाने की प्रक्रिया की शुरुआत सोमवार को संसद में हुई। इस बाबत केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका गांधी ने किशोर न्याय (बालकों की देखरेख और संरक्षण) संशोधन बिल 2018 लोकसभा में पेश किया। इसके जरिए सरकार की मंशा उक्त प्रकार के बच्चों को गोद दिए जाने के संबंध में जिलाधीशों (डीएम) को सशक्त करने की है।

विधेयक के संसद में पारित होने और सरकार द्वारा राजपत्र में अधिसूचित किए जाने के बाद इस प्रकार के मामलों में डीएम को अंतिम कानूनी आदेश पारित करने का अधिकार मिल जाएगा। इससे एक जरुरतमंद बच्चे की परिवार और उसकी आस में भटक रहे अभिभावकों को काफी राहत मिलेगी।

बिल की एक प्रति हरिभूमि के पास मौजूद है। उसके अध्ययन से यह तमाम जानकारी निकलकर सामने आयी है। गौरतलब है कि उक्त कानून किशोर न्याय (बालकों की देखरेख और संरक्षण) अधिनियम 2015 है, जिसे अब संबंधित बदलाव के लिए संसद के समक्ष लाया गया है।

629 लंबित मामले

वर्तमान में सामान्य सिविल न्यायालयों में चलने वाली बच्चा गोद लेने की प्रक्रिया में कार्रवाई काफी लंबी चलती है और लोगों को लंबा इंतजार करना पड़ता है। 20 जुलाई 2018 तक देश के विभिन्न न्यायालयों में दत्तक ग्रहण संबंधी आदेश पारित से संबंधित 629 मामले लंबित हैं।

जबकि मौजूदा कानून की धारा 61 की उपधारा 2 में यह प्रावधान किया गया है कि न्यायालय द्वारा दत्तक ग्रहण संबंधी कार्यवाहियों का निपटारा आवेदन फाइल करने की तारीख से दो महीने की अवधि के अंदर किया जाएगा।

यह होंगे मुख्य संशोधन

मौजूदा संशोधनों में से एक किशोर न्याय अधिनियम की धारा 63 के अधीन दत्तक ग्रहण का आदेश जारी करने के लिए जिला मेजिस्ट्रेट को सशक्त करने के लिए न्यायालय के स्थान पर जिला मजिस्ट्रेट शब्द शामिल करने को लेकर है।

इसके अलावा कानून की धारा 56 (5), 58 (3), 54 (4), 59 (7), 59 (8), 60 (1), 61 (1,2), धारा 64 और 65 (4) में भी संशोधन किए जाएंगे। मौजूदा विधेयक के अध्याय 8 के अधीन दत्तक ग्रहण आदेशों से संबंधित किसी न्यायालय के समक्ष लंबित सभी कार्यवाहियों का ग्रहण करने हेतु उस क्षेत्र पर अधिकारिता वाले डीएम को अन्तरण किया जाएगा।

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