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मोदी सरकार की गन्ना किसानों को सौगात

इस प्रकार मंजूर किये गये उचित और लाभकारी मूल्य चीनी मिलों द्वारा चीनी मौसम 2017-18 के दौरान किसानों से गन्ने की खरीद के लिए लागू होगा।

मोदी सरकार की गन्ना किसानों को सौगात

केंद्र सरकार ने गन्ना किसानों के हित और चीनी उद्योग के महत्व को देखते हुए मौजूदा चीनी मौसम के लिए गन्ने का उचित और लाभकारी 255 रुपये प्रति कुंतल इस शर्त पर निर्धारित करने की मंजूरी दी है कि यह 9.5 प्रतिशत की मूल रिकवरी दर से संबद्ध होगा और इस स्तर से अधिक की रिकवरी में प्रत्येक 0.1 प्रतिशत की वृद्धि के लिए 2.68 रुपये प्रति कुंतल का प्रीमियम देय होगा।

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केंद्रीय कृषि मंत्रालय के अनुसार बुधवार को केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में आर्थिक समिति द्वारा चीनी मौसम 2017-18 के लिए गन्ने का उचित और लाभकारी 255 रुपये प्रति कुंतल मूल्य की सशर्त मंजूरी दी है। गन्ना किसानों के लिए इस अनुमोदित उचित और लाभकारी मूल्य में चीनी मौसम 2016-17 के उचित और लाभकारी मूल्य से 10.87 प्रतिशत की वृद्धि प्रदर्शित होती है।

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गन्ने के उचित और लाभकारी मूल्य का निर्धारण कृषि लागत और मूल्य आयोग की सिफारिशों के आधार तथा राज्य सरकारों और अन्य हितधारकों से परामर्श करने के बाद लिया गया है।

मसलन उचित और लाभकारी मूल्य उत्पादन लागत, मांग-आपूर्ति की समग्र स्थिति, घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय मूल्य, अंतर-फसल मूल्य समानता, प्राथमिक सह-उत्पादों के व्यापार मूल्य जैसे विभिन्न कारकों की शर्तो के तहत लिया गया है।

इस प्रकार मंजूर किये गये उचित और लाभकारी मूल्य चीनी मिलों द्वारा चीनी मौसम 2017-18 के दौरान किसानों से गन्ने की खरीद के लिए लागू होगा।

किसानों के हित में कदम

मंत्रालय के अनुसार पिछले तीन सालों के दौरान किसानों को सहायता करने और यह सुनिश्चित करने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गये, ताकि चीनी मिलों द्वारा उनके गन्ना बकाया का भुगतान कर दिया जाए।

केंद्र सरकार ने सेफासु, सरल ऋण, रॉ शुगर के निर्यात हेतु प्रोत्साहन तथा उत्पादन सब्सिडी जैसी स्कीमें लागू की थी। ऐसे हस्तक्षेपों के माध्यम से चीनी मिलों को उपलब्ध कराई गई निधियों का उपयोग किसानों के गन्ना बकाया के भुगतान हेतु किया गया था।

किसानों को देय राशि उनके बैंक खातों में जमा कराने का आदेश भी दिया गया था। मंत्रालय के अनुसार चीनी उद्योग एक कृषि आधारित महत्वमपूर्ण उद्योग है।

जिससे लगभग 50 मिलियन गन्नो किसानों और चीनी मिलों में सीधे रोजगाररत लगभग 5 लाख कामगारों और इसके अलावा खेतिहर मजदूरों तथा परिवहन सहित अन्य गतिविधियों में लोगों की जीविका पर प्रभाव पड़ता है।

चीनी आयात की बदली नीति

वर्तमान चीनी मौसम में उत्पादन में आई गिरावट और मूल्य में किसी प्रकार के संभावित प्रतिकूल माहौल की समस्या के समाधान के लिए केंद्र सरकार ने शून्य शुल्क पर केवल 5 लाख टन रॉ चीनी का आयात करने की अनुमति दी है। फिर भी भारतीय किसानों के संरक्षण के लिए आयात की जाने वाली मात्रा को आंचलिक प्रतिबंधों सहित प्रतिबंधित रखा गया है,

ताकि इसे केवल वास्तव में कमी वाले क्षेत्रों में उपलब्धं कराया जाए और गन्ना किसानों के हितों की सुरक्षा की जाए। सरकार की इसी नीति के कारण किसानों के गन्ना मूल्यत बकाया का भुगतान चीनी मौसम 2014-15 के लिए 99.33 प्रतिशत और चीनी मौसम 2015-16 के लिए 98.5 प्रतिशत पर पहुंच गया। वर्तमान चीनी मौसम 2016-17 के लिए गन्ना मूल्य बकाया की राशि पिछले पांच वर्षों की अवधि की तुलना में न्यूनतम रही है।

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