Top
Hari bhoomi hindi news chhattisgarh

तीन तलाक बनेगा कानून, शीतकालीन सत्र में आएगा बिल!

सुप्रीम कोर्ट ने एक साथ तीन तलाक पर रोक लगाते हुए सरकार को कानून बनाने की सलाह दी थी।

तीन तलाक बनेगा कानून, शीतकालीन सत्र में आएगा बिल!
X

देश में मुसलमानों में प्रचलित तीन तलाक पर रोक लगाने के लिए मोदी सरकार कानून बनाने पर विचार कर रही है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक केंद्र सरकार संसद के शीतकालीन सत्र में तीन तलाक पर रोक लगाने के लिए विधेयक पेश कर सकती है।

बता दें कि कुछ समय पहले सुप्रीम कोर्ट ने एक साथ तीन तलाक पर रोक लगाते हुए सरकार को कानून बनाने की सलाह दी थी। चीफ जस्टिस जेएस खेहर और जस्टिस नजीर ने अल्पमत में दिए फैसले में कहा था कि तीन तलाक धार्मिक प्रैक्टिस है, इसलिए कोर्ट इसमें दखल नहीं देगा।

यह भी पढें- गुजरात चुनाव से पहले ही भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने किया ये बड़ा ऐलान

हालांकि चीफ जस्टिस जेएस खेहर और जस्टिस नजीर ने माना कि यह पाप है, इसलिए केंद्र सरकार को इसमें दखल देना चाहिए और तलाक के लिए कानून बनना चाहिए।

दोनों जजों ने कहा कि तीन तलाक पर 6 महीने का स्टे लगाया जाना चाहिए, इस बीच में सरकार कानून बना ले और अगर छह महीने में कानून नहीं बनता है तो स्टे जारी रहेगा।

जस्टिस खेहर ने यह भी कहा कि सभी पार्टियों को राजनीति को अलग रखकर इस मामले पर फैसला लेना चाहिए। पूरी दुनिया में मुस्लिम पर्सनल लॉ में हुए संशोधनों का उदाहरण देते हुए जस्टिस खेहर ने केंद्र सरकार से तलाक-ए-बिदत पर खासतौर पर उचित कानून बनाने पर विचार करने का निर्देश दिया था।

यह भी पढें- लुधियाना: इमारत गिरने से मृतकों की संख्या बढ़कर 10 हुई, बचाव कार्य जारी

शायरा बानो बनाम यूनियन ऑफ इंडिया और इससे जुड़े दूसरे मामलों 'WP 'C' No.118/2016' में 22 अगस्त 2017 को सुप्रीम कोर्ट ने अपने ऐतिहासिक फैसले में तीन तलाक देने पर रोक लगा दी थी।

यह फैसला संविधान के अनुच्छेद 14 के तहत प्रत्येक व्यक्ति को मिले समान अधिकार और समान सुरक्षा को कायम रखता है, भले ही व्यक्ति अल्पसंख्यक हो या बहुसंख्यक।

इस फैसले के बाद अब महिलाओं को तलाक-ए-बिद्दत से छुटकारा पाने में काफी मदद मिलेगी। गौरतलब है कि इस एकतरफा व्यवस्था में पति बड़ी आसानी से तीन तलाक दे देते थे और महिलाएं कुछ नहीं कर पाती थीं।

सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद से ऐसा माना जा रहा था कि सरकार जल्द ही कानून बनाने की दिशा में आगे बढ़ सकती है। कानून बनने के बाद एक बार में तीन तलाक अपराध की श्रेणी में आ जाएगा। महत्वपूर्ण बात यह है कि पर्सनल लॉ में सुधार की मांग मुस्लिम समुदाय की ओर से ही उठाई गई थी।

और पढ़े: Haryana News | Chhattisgarh News | MP News | Aaj Ka Rashifal | Jokes | Haryana Video News | Haryana News App

Next Story
Top