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चीनी उद्योग को बड़ी राहत, सरकार जल्द ही 8,000 करोड़ के पैकेज की घोषणा करेगी: पासवान

उत्तर प्रदेश के कैराना संसदीय क्षेत्र में भाजपा के लोकसभा चुनाव हारने के कुछ ही दिन बाद इस राहत पैकेज को तैयार किया गया है।

चीनी उद्योग को बड़ी राहत, सरकार जल्द ही 8,000 करोड़ के पैकेज की घोषणा करेगी: पासवान

खाद्य मंत्री रामविलास पासवान ने आज कहा कि सरकार जल्द ही चीनी उद्योग के लिए 8,000 करोड़ रुपये का राहत पैकेज घोषित करेगी ताकि नकदी संकट से जूझ रही चीनी मिलों को किसानों के गन्ने का लगभग 22,000 करोड़ रुपये के बकाये का भुगतान करने में मदद मिल सके।

देश के सबसे बड़े गन्ना उत्पादक राज्य उत्तर प्रदेश के कैराना संसदीय क्षेत्र में भाजपा के लोकसभा चुनाव हारने के कुछ ही दिन बाद इस राहत पैकेज को तैयार किया गया है।

पासवान ने अपनी मंत्रालय की पिछले चार साल की उपलब्धियों को बताते हुए संवाददाताओं से कहा कि मंत्रिमंडल को 8,000 करोड़ रुपये का प्रस्ताव भेजा गया है। इस बारे में मंत्रिमंडल कोई निर्णय लेगा।

पासवान ने कहा कि इस संबंध में कोई निर्णय जल्द ही लिया जा सकता है। हालांक , उन्होंने अधिक विवरण नहीं दिया। पासवान ने इस तर्क को भी खारिज कर दिया कि हाल के उप-चुनावों में विशेष रूप से उत्तर प्रदेश में सत्ताधारी पार्टी को मिली हार को देखते हुये यह पैकेज लाया गया है। सूत्रों के अनुसार केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक कल होगी।

विपणन वर्ष 2017-18 (अक्टूबर-सितंबर) में अब तक 3.16 करोड़ टन से अधिक रिकॉर्ड चीनी उत्पादन होने के बाद चीनी कीमतों में तेज गिरावट की वजह से मिलों की वित्तीय हालत खराब हुई है जिसके कारण इस राहत पैकेज को तैयार किया गया है।

चीनी मिलों के लिये प्रस्तावित राहत पैकेज में 8,000 करोड़ रुपये के पैकेज में 30 लाख टन चीनी का बफर स्टॉक बनाना, नई एथनॉल क्षमता के विस्तार और निर्माण के लिए चीनी मिलों के 4,500 करोड़ रुपये के ऋण पर ब्याज सब्सिडी देने सहित अन्य उपाय शामिल है।

पिछले महीने ही सरकार ने गन्ना किसानों के लिए 1500 करोड़ रुपये की उत्पादन से जुड़ी सब्सिडी की घोषणा की थी ताकि चीनी मिलों को गन्ना किसानों को भुगतान करने में मदद हो सके।

वर्तमान में, चीनी की औसत मिल गेट कीमत 25.60 से 26.22 रुपये प्रति किलो के दायरे में है, जो उनकी उत्पादन की लागत से कम मानी जा रही है।

देश में रिकार्ड चीनी उत्पादन को देखते हुये केंद्र सरकार ने चीनी आयात शुल्क को पहले ही दोगुना कर 100 फीसदी कर दिया है तथा निर्यात को बढ़ावा देने के लिये चीनी निर्यात शुल्क को समाप्त कर दिया है। इसके साथ ही सरकार ने चीनी मिलों से 20 लाख टन चीनी निर्यात करने को भी कहा है।

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