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डोकलाम विवाद के बाद सरकार का बड़ा फैसला, सेना में होगा बड़ा सुधार

केंद्र सरकार ने सेना में सुधार के लिए लेफ्टिनेंट जनरल डी. बी. शेकतकर समिति की सिफारिशों के पहले बैच की 65 सिफारिशों को स्वीकार कर लिया है।

डोकलाम विवाद के बाद सरकार का बड़ा फैसला, सेना में होगा बड़ा सुधार

सरकार ने सेना की कार्य प्रणाली में सुधारों तथा खर्च में संतुलन बनाने के उद्देश्य से आजादी के बाद का सबसे बड़ा कदम उठाते हुए गैर जरूरी विभागों को बंद करने तथा कुछ को आपस में मिलाने का निर्णय लिया है।

सेना की लड़ाकू क्षमता बढ़ाने के लिए लगभग 60 हजार अधिकारियों और जवानों को जरूरत के हिसाब से लड़ाकू भूमिका में तैनात किया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को यहां हुई केन्द्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में सेना की कार्य प्रणाली में सुधारों तथा खर्च में संतुलन के बारे में सुझाव देने वाली समिति की 65 सिफारिशों को मंजूरी दी गई।

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57 हजार अधिकारियों को तैनात किया जा सकेगा

बैठक के बाद रक्षा मंत्री अरुण जेतली ने बताया कि सेवा निवृत लेफ्टिनेंट जनरल डीबी शेतकर की अध्यक्षता में गत वर्ष मई में एक समिति का गठन किया गया था। इस समिति ने गत दिसम्बर में अपनी रिपोर्ट में 99 सिफारिशें की थी जिसमें से 65 सिफारिशों को रक्षा मंत्रालय ने स्वीकार कर लिया है।

उन्होंने कहा कि ये सिफारिशें चरणबद्ध तरीके से लागू की जाएंगी और वर्ष 2019 के अंत तक ये पूरी तरह लागू हो जाएंगी। इनके लागू होने के मद्देनजर 57 हजार अधिकारियों और जवानों को लड़ाकू भूमिका और संचालन तथा अन्य कामों में तैनात किया जा सकेगा।

गैर जरूरी विभागों को बंद किया जाएगा

कुछ विभागों से जुड़े सिविल कर्मचारियों को दक्षता बढ़ाने के लिए सशस्त्र सेनाओं की अन्य शाखाओंं में भेजा जाएगा। उन्होंने कहा कि रक्षा मंत्री के तौर पर उन्होंने सेना तथा अन्य संबंधित पक्षों से इस रिपोर्ट और उसके परिणामों के बारे में विस्तार से चर्चा की है।

सिफारिशों में सबसे बड़ा फैसला सैन्य डाक घरों और सैन्य फार्मों को बंद करने के बारे में लिया गया है। अभी सेना के 39 सैन्य फार्म हैं जिन्हें अब चरणबद्ध तरीके से बंद किया जाएगा।

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