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मोदी कैबिनेट का एक और बार हो सकता है विस्तार, JDU और AIADMK को मिलेगा मौका!

मोदी का अगला टारगेट एनडीए के बड़े दलों एआईएडीएमके और जेडीयू रहेंगे।

मोदी कैबिनेट का एक और बार हो सकता है विस्तार, JDU और AIADMK को मिलेगा मौका!

एक बार फिर मोदी कैबिनेट में विस्तार होने की संभावनाओं को बल मिल रहा है। अभी तथा आने वाले आम चुनाव में अपने सहयोगियों को साधाने के मकसद से होने वाले विस्तार में केंद्रीय कैबिनेट में कुल 5 मंत्रियों को शामिल किया जा सकता है।

अगर सूत्रों की मानें तो जेडीयू केंद्रीय कैबिनेट में कम से कम दो सीट, एक केंद्रीय मंत्री और एक राज्य मंत्री के रूप में पाना चाहती है। एेसे में दो-दो मंत्री जेडीयू और एआईएडीएमके और एक मंत्री शिवसेना के खेमे से बनाया जा सकता है।

वर्तमान में 545 वाली लोकसभा में केंद्रीय मंत्रियों की संख्या 81 तक बढ़ाई जा सकती है। वर्तमान में इनकी कुल संख्या 76 है।

इन परिस्थतियों में 5 और सांसदों को मंत्री के रूप में शामिल किया जा सकता है। इससे पहले 3 तीन सितंबर को हुआ फेरबदल भाजपा के नेताओं के लिए ही समर्पित रहा। एेसे में एक बार फिर जल्द मोदी कैबिनेट में विस्तार की खबरों को लगातार बल मिल रहा है।

सहयोगियों को मिल सकते हैं इनके मंत्रालय

डॉ. हर्षवर्द्धन के पास पर्यावरण और वन मंत्रालय के अलावा साइंस एंड टेक्नोलॉजी मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार भी है। जल्द ही उनसे एक मंत्रालय लेकर एनडीए के दूसरे घटक दलों को दिया जा सकता है।

इसी तरह आरके सिंह को भी पावर के अलावा अक्षय ऊर्जा मंत्रालय की जिम्मेदारी दी गई है।एेसे में इनके पास से भी एक मंत्रालय लेकर सहयोगी दलों को दिया जा सकता है।

पी राधाकृष्णन भी वित्त और शिपिंग राज्यमंत्री का दोहरा काम लिए हुए हैं। इनके पास से भी एक विभाग लेकर सहयोगी दलों को दिया जा सकता है। इसी तरह अल्फॉन्स को भी पर्यटन और इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्रालय दिया था।

कई के पास अतिरिक्त प्रभार

तीन सितंबर को केंद्रीय कैबिनेट में फेरबदल के बावजूद वर्तमान में कई मंत्री एेसे हैं, जिनके पास अभी भी एक से ज्यादा मंत्रायलों का प्रभार है। इसके अलावा मोदी कैबिनेट में अभी भी 5 और मंत्रियों को शामिल किया जा सकता है। माना जा रहा है कि 2019 में होने वाले आम चुनाव से पहले मोदी कैबिनेट का ये आखिरी विस्तार है ।

दूर होगी घटक दलों की नाराजगी

2019 के लोकसभा चुनावों को देखते हुए भाजपा नहीं चाहेगी कि एनडीए में शामिल घटक दल उससे मुंह फेर लें। अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं और नेताओं को साधने के बाद मोदी का अगला टारगेट हाल में दोबारा एनडीए के बेड़े में शामिल एआईएडीएमके और जेडीयू रहेगी।

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