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मिशन गगनयान : इसरो ने एयरफोर्स को दी बड़ी जिम्मेदारी- 10 अंतरिक्ष यात्रियों को प्रशिक्षित करेगी वायुसेना

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने आखिरकार भारत के पहले मानवयुक्त अंतरिक्ष मिशन गगनयान के 10 क्रू मेंबर्स के चुनाव और प्रशिक्षण के लिए भारतीय वायुसेना को जिम्मेदारी सौंपी है।

मिशन गगनयान : इसरो ने एयरफोर्स को दी बड़ी जिम्मेदारी- 10 अंतरिक्ष यात्रियों को प्रशिक्षित करेगी वायुसेना

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने आखिरकार भारत के पहले मानवयुक्त अंतरिक्ष मिशन गगनयान के 10 क्रू मेंबर्स के चुनाव और प्रशिक्षण के लिए भारतीय वायुसेना को जिम्मेदारी सौंपी है।

इसरो के चेयरमैन के. सिवन ने कहा, 'हमने क्रू सिलेक्शन एवं ट्रेनिंग से जुड़े सभी मानदंडों और जरूरतों को तय कर दिया है और इसे इंडियन एयरफोर्स को सौंप दिया गया है। ट्रेनिंग के पहले 2 चरण इंडियन एयरफोर्स के इंस्टिट्यूट ऑफ ऐरोस्पेस मेडिसिन (बेंगलुरु) में होंगे और उसके बाद आखिरी चरण की ट्रेनिंग विदेश में होगी।

इसरो की योजना 3 अंतरिक्षयात्रियों को पृथ्वी की कक्षा में 7 दिनों के लिए भेजने की है। इस मिशन पर 10,000 करोड़ रुपए खर्च होंगे और 2022 में इसे अमलीजामा पहनाया जाएगा।

10 में से तीन का होगा फाइनल सिलेक्शन

सिवन ने कहा, 'हम चाहते हैं कि एयरफोर्स गगनयान मिशन के लिए 10 कैंडिडेट को प्रशिक्षित करें। उनमें से 3 को हम अपने पहले मानवयुक्त अंतरिक्ष मिशन के लिए चुनेंगे।' क्रू की विदेश में ट्रेनिंग के लिए रूस, फ्रांस जैसे 2-3 देश पर विचार किया जा रहा हैं। अभी इस पर कोई अंतिम फैसला नहीं लिया है।

आईएएम बेंगलुरु में होगा प्रशिक्षण

आर्म्ड फोर्सेज मेडिकल सर्विसेज से जुड़ा इंस्टिट्यूट ऑफ ऐरोस्पेस मेडिसिन (आईएएम) भारत और दक्षिण-पूर्वी एशिया का इकलौता ऐसा संस्थान है जो ऐरोस्पेस मेडिसिन के क्षेत्र में रिसर्च करता है। यह ऐरोस्पेस मेडिसिन पर रिसर्च करता है और पायलटों को प्रशिक्षित करता है।

पहले इस इंस्टीट्यूट का नाम एविएशन मेडिसिन था और इसने 1980 के दशक में भारत-सोवियत रूस के अंतरिक्ष कार्यक्रमों को मेडिकल सपोर्ट दिया था। आईएएम में मौजूद इन्फ्रास्ट्रक्चर आधुनिक है और इसी वजह से इसरो चाहता है कि यह गगनयान मिशन के लिए क्रू मेंबर्स को प्रशिक्षित करे।

पीएम ने की थी घोषणा

बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले साल स्वतंत्रता दिवस समारोह पर अपने संबोधन में यह घोषणा की थी कि भारत गगनयान के जरिए 2022 तक एक अंतरिक्ष यात्री को भेजने की (अंतरिक्ष में) कोशिश करेगा।

इस अभियान के सफल होने पर भारत इस उपलब्धि को हासिल करने वाला चौथा राष्ट्र बन जाएगा। गगनयान टीम के प्रथम मानवरहित मिशन की योजना दिसंबर 2020 के लिए है, वहीं अंतरिक्ष में प्रथम मानव को दिसंबर 2021 तक भेजा जाएगा।

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