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गिरते रुपये को थामने को लेकर रिजर्व बैंक के संपर्क में है वित्त मंत्रालय

अमेरिकी डालर के मुकाबले लगातार गिरते रुपये को थामने के लिये बाजार हस्तक्षेप को लेकर वित्त मंत्रालय बराबर रिजर्व बैंक के साथ संपर्क बनाये हुये है। अमेरिकी डालर के समक्ष रुपया 72.45 रुपये प्रति डालर के निचले स्तर तक गिर चुका है। एक अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी।

गिरते रुपये को थामने को लेकर रिजर्व बैंक के संपर्क में है वित्त मंत्रालय

अमेरिकी डालर के मुकाबले लगातार गिरते रुपये को थामने के लिये बाजार हस्तक्षेप को लेकर वित्त मंत्रालय बराबर रिजर्व बैंक के साथ संपर्क बनाये हुये है। अमेरिकी डालर के समक्ष रुपया 72.45 रुपये प्रति डालर के निचले स्तर तक गिर चुका है। एक अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी।

भारतीय रिजर्व बैंक गिरते रुपये को थामने के लिये बाजार में लगातार डालर बेच रहा है, यही वजह है कि देश का विदेशी मुद्रा भंडार जो कि अप्रैल में 426 अरब डालर पर था अगस्त अंत तक गिरता हुआ 400.10 अरब डालर रह गया।
अधिकारी का कहना है कि रिजर्व बैंक के पास विदेशी मुद्रा का पर्याप्त भंडार है। वित्त मंत्रालय इस मामले में सही समय पर बाजार हस्तक्षेप के लिये केन्द्रीय बैंक के साथ संपर्क बनाये हुये है। हालांकि, अधिकारी ने कहा कि रुपये में गिरावट चौतरफा नहीं है। भारतीय मुद्रा ब्रिटेन के पौंड, यूरो, चीन युआन और जापानी येन के समक्ष मजबूत हुई है।
अधिकारी ने कहा कि सरकार के पास विदेशी मुद्रा जुटाने के लिये प्रवासी भारतीयों को बॉंड जारी करने का व़िकल्प मौजूद है लेकिन इस बारे में जरूरी विचार विमर्श के बाद ही कोई फैसला किया जायेगा।
अधिकारी ने कहा, ‘‘फिलहाल घबराहट वाली कोई बात नहीं है क्योंकि ज्यादातर वैश्विक मुद्रायें डालर की मजबूती से प्रभावित हुई हैं। बल्कि यहां तो रुपया कई अन्य मुद्राओं के मुकाबले मजबूत हुआ है।'
चालू खाते का घाटा यानी कैड अप्रैल से जून तिमाही के दौरान जीडीपी के समक्ष 18 अरब डालर यानी 2.4 प्रतिशत पर पहुंच गया। विदेशी मुद्रा के कुल अंतर्प्रवाह और बहिप्रर्वाह के बीच के अंतर को कैड कहा जाता है।
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