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पक्षी से टकराया था राजस्थान में क्रैश हुआ मिग-21 विमान

राजस्थान के बीकानेर जिले में शुक्रवार को वायुसेना का एक लड़ाकू विमान मिग-21 दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हालांकि पायलट विमान से सुरक्षित कूद गया। सेना के प्रवक्ता सोंबित घोष के अनुसार दुर्घटनाग्रस्त लड़ाकू विमान मिग-21 बीकानेर के वायुसेना के नाल हवाई अड्डे से लगभग 12 किलोमीटर दूर शोभासर की ढाणी के पास नियमित उड़ान के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया।

पक्षी से टकराया था राजस्थान में क्रैश हुआ मिग-21 विमान
राजस्थान के बीकानेर जिले में शुक्रवार को वायुसेना का एक लड़ाकू विमान मिग-21 दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हालांकि पायलट विमान से सुरक्षित कूद गया। सेना के प्रवक्ता सोंबित घोष के अनुसार दुर्घटनाग्रस्त लड़ाकू विमान मिग-21 बीकानेर के वायुसेना के नाल हवाई अड्डे से लगभग 12 किलोमीटर दूर शोभासर की ढाणी के पास नियमित उड़ान के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया।
उन्होंने बताया कि दुर्घटना के कारणों की जांच के लिए कोर्ट ऑफ इंक्वायरी की जा रही है। बताया जा रहा है कि उड़ान भरने के कुछ मिनट बाद ही पक्षी से टकराने के चलते विमान क्रैश हो गया। बीकानेर के पुलिस अधीक्षक प्रदीप मोहन शर्मा ने बताया कि पुलिस दल घटनास्थल पर पहुंच चुका है। इस दुर्घटना में अभी तक किसी के हताहत होने की कोई सूचना नहीं है।

वायुसेना का 'उड़ता ताबूत' साबित हो रहे मिग-21

1964 में मिग-21 को भारतीय वायुसेना में प्रथम सुपरसोनिक लड़ाकू जेट के रूप में शामिल किया गया था। 1971 में भारत-पाकिस्तान के युद्ध और कारगिल युद्ध में इस लड़ाकू विमान ने अहम भूमिका निभाई थी। यह विमान तीसरी पीढ़ी का जेट एयरक्राफ्ट है।
सिंगल सीट का यह लड़ाकू विमान अधिकतम 2175 किलोमीटर प्रतिघंटा की गति से उड़ान भरता है और 16.8 किलोमीटर की अधिकतम ऊंचाई तक जा सकता है। यह अधिकतम चार शक्तिशाली बम, रॉकेट और हवा में मार मरने वाली मिसाइल व गन ले जा सकता है।

अभी वायुसेना में 113 मिग

फिलहाल भारतीय वायुसेना में 113 मिग-21 हैं और साल 1963 के बाद से 1,200 से अधिक मिग लड़ाकू विमानों को भारतीय वायुसेना में शामिल किया गया है। एक जनवरी, 2019 को लोकसभा में दी गई जानकारी के अनुसार, भारतीय वायुसेना में अभी भी 31 लड़ाकू स्क्वाड्रन चालू हैं। पिछले 40 वर्षों में, भारत ने 872 विमानों के अपने मिग लड़ाकू बेड़े के आधे से अधिक विमानों को खो दिया है।
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