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रद्द होंगी सभी प्ले स्कूलों की मान्यता, बाल आयोग ने जारी किए दिशानिर्देंश

इस पहल के बाद बच्चों का दाखिला लेने की प्रक्रिया पर नकेल कसने में आसानी होगी।

रद्द होंगी सभी प्ले स्कूलों की मान्यता, बाल आयोग ने जारी किए दिशानिर्देंश
नई दिल्ली. देश के तमाम निजी प्ले स्कूलों की मान्यता अब रद्द कर दी जाएगी। जहां तीन साल से कम उम्र के बच्चों को पढ़ाया जा रहा है। बच्चों के अधिकारों के लिए काम करने वाले देश की सर्वोच्च संस्था राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) ने इसके लिए मंगलवार को कड़े दिशानिर्देंश जारी कर दिए हैं। इसमें यह साफ कर दिया गया है कि प्ले स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों की उम्र तीन वर्ष से अधिक होनी चाहिए। अगर कोई प्ले स्कूल तीन साल से छोटे बच्चों का दाखिला लेकर उसे चला रहा है। तो उसकी मान्यता तुरंत रद्द कर दी जाएगी।
दिशानिर्देंशों का खाका तैयार
गौरतलब है कि अभी देश में लाखों की संख्या में कई प्ले स्कूल चल रहे हैं जहां दो से ढाई वर्ष के बच्चों को पढ़ाने के नाम पर दाखिला दिया जाता है। केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय (डब्ल्यूसीडी) की ओर से इस विषय पर दिशानिर्देंशों के निर्माण को लेकर एनसीपीसीआर को बीते वर्ष 2015 में यह जिम्मेदारी सौंपी गई थी। इसे लेकर आयोग ने विभिन्न भागीदारों के साथ व्यापक विचार-विमर्श कर इन दिशानिर्देंशों का खाका तैयार किया है। आयोग ने अपने दिशानिर्देशों की प्रति डब्ल्यूसीडी मंत्रालय से लेकर राज्यों के बाल विकास विभाग, निप्सेड, सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों और राज्य बाल अधिकार आयोगों को भेज दी है।
कम उम्र के बच्चे पढ़ाते
राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के सदस्य प्रियंक कानूनगो ने हरिभूमि से बातचीत में कहा कि अभी देश में प्ले स्कूलों को लेकर कोई नियमावली या दिशानिर्देंश नहीं हैं। इसी वजह से हर गली-मौहल्ले में बड़ी तादाद में प्ले स्कूल खुल गए हैं और इनमें से ज्यादातर दो से ढाई साल के बच्चों का दाखिला ले लेते हैं। लेकिन अब आयोग के दिशानिर्देशों के बाद उन तमाम प्ले स्कूलों की इस तरह से बच्चों का दाखिला लेने की प्रक्रिया पर नकेल कसने में आसानी होगी।
आंगनबाड़ी अधिकारी करेगा निगरानी
आयोग ने अपने दिशानिर्देंशों में कहा है कि प्ले स्कूलों की गतिविधियों की निगरानी करने की जिम्मेदारी राज्यों में जिले में आंगनबाड़ी यानि आईसीडीएस के प्रोग्राम अधिकारी की होगी। एनसीपीसीआर ने अपने दिशानिर्देशों में प्ले स्कूल खोलने से लेकर उसे चलाने के लिए एप्लीकेशन फॉर्म व अन्य जरूरी चीजें भी संबंधित भागीदारों को भेज दी हैं। अब यह राज्यों के ऊपर है कि वो बच्चों के हित को ध्यान में रखते हुए जल्द से जल्द इनका क्रियान्वयन करें।
निप्सेड का पाठ्यक्रम लागू होगा
आयोग ने अपने दिशानिर्देशों में यह भी बताया है कि अब कोई भी प्ले स्कूल बच्चों को ए, बी, सी, डी रटाने की परंपरा के आधार पर कुछ भी नहीं पढ़ा सकेगा। बल्कि सभी को नेशनल इंस्ट्टीट्यूट ऑफ पब्लिक कॉपरेशन एंड चाइल्ड डेवलपमेंट (निप्सेड) द्वारा बनाया गए पाठ्यक्रम के आधार पर ही बच्चों को पढ़ाना और सिखाना होगा। इसके बाद सभी प्ले स्कूलों में स्थापना ढांचे के अलावा शैक्षिक आधार पर एकरूपता व समानता आ सकेगी। दिशानिर्देशों के हिसाब से प्ले स्कूल में मौजूद रहने वाले सभी लोगों का पुलिस वेरिफिकेशन किया जाना चाहिए, बच्चों को उनके घर से स्कूल तक लाने और वापस घर छोड़ने को लेकर यातायात सुविधा के नियमों का पालन किया जाना चाहिए। प्ले स्कूलों में सीसीटीवी कैमरे लगाना अनिवार्य होगा। बच्चों का हेल्थ रिकॉर्ड रखा जाएगा। इसके अलावा स्कूल में पढ़ने वाले सभी बच्चों को आधार से लिंक करना भी दिशानिर्देशों के बाद अनिवार्य हो जाएगा।
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