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पीएम के इस काम को नहीं कर पाए ये 21 सांसद, मोदी हुए नाराज

वोट डालने के पहले पीएम ने विधायकों और सांसदों को दिखाया गया था डेमो।

पीएम के इस काम को नहीं कर पाए ये 21 सांसद, मोदी हुए नाराज

राष्ट्रपति चुनाव में मीरा कुमार को हराकर एनडीए प्रत्याशी रामनाथ कोविंद जीते और मंगलवार को उन्होंने पद की शपथ ले ही है। जीत बीजेपी में खुशी लेकर आई।

ऐसा पहली बार हुआ जब भाजपा का कोई नेता रायसीना हिल्स पहुंचा है। लेकिन इस जीत के बावजूद भी भाजपा का एक ख्वाब जरूर अधूरा रह गया जिसे पूरा करने के लिए पार्टी ने पूरी कोशिश की थी।

दरअसल भाजपा चाहती थी कि इस चुनाव में वह राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को मिले वोटों के प्रतिशत का रिकॉर्ड तोड़ दे। ऐसा हो भी सकता था क्योंकि केंद्र में भाजपा की प्रचंड बहुमत वाली सरकार है और कई राज्यों में भी सत्ता है। फिर भी भाजपा प्रणब दा के रिकॉर्ड को तोड़ नहीं पाई।

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भाजपा के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पीएम नरेंद्र मोदी ने इसी को लेकर सांसदों की एक बैठक में सभी को एक तरफ से फटकार लगाई। कारण है हाल ही संपन्न हुए राष्ट्रपति चुनाव में बड़ी संख्या में सांसदों और विधायकों के वोट रद्द हुए।

इस चुनाव में कुल 77 वोट रद्द हुए थे जिनमें से 21 सांसदों के और 56 विधायकों के हैं। इससे भाजपा को लग रहा है कि पार्टी के सांसदों के वोट भी निरस्त हुए हैं। यहां यह बता दें कि चुनाव में वोटिंग से यह पता नहीं लग पाता कि कौन से सांसद का वोट रद्द हुआ है।

दिखाया था डेमो, खरे नहीं उतरे एमपी

सूत्रों का कहना है कि पीएम मोदी ने कहा कि चुनाव से एक दिन पहले एनडीए की बैठक में टीवी मॉनीटर के जरिए विस्तार से बताया गया था कि किस तरह से वोट डालना है। इसके बावजूद कई सांसदों और विधायकों के वोट निरस्त हुए। यह ठीक नहीं है।

पीएम मोदी ने कहा कि ऐसे सांसद क्षेत्र की जनता की अपेक्षा पर खरे नहीं उतरे जिसने उन्हें चुन कर भेजा। बतौर सांसद वह अपने संसदीय क्षेत्र की जनता का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं और उनके जरिए लोगों का मत इस चुनाव में प्रदर्शित होता है।

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पिछले तीन राष्ट्रपतियों से कम वोट मिले: चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक कोविंद के पूर्ववर्ती प्रणब मुखर्जी को वर्ष 2012 में हुए चुनाव में 69.31 फीसदी वोट मिले थे।

वर्ष 2007 में प्रतिभा पाटिल को 65.82 प्रतिशत मिले थे, जो कोविंद की तुलना में थोड़ा अधिक था। केआर नारायणन (1997) और एपीजे अब्दुल कलाम (2002) को क्रमश: 94.97 और 89.57 प्रतिशत मत मिले थे।

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