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राष्ट्रपति चुनाव: ऐसा रहा है मीरा कुमार का अब तक का सफर

मीरा कुमार पूर्व उप प्रधानमंत्री जगजीवन राम की बेटी है।

राष्ट्रपति चुनाव: ऐसा रहा है मीरा कुमार का अब तक का सफर

राष्ट्रपति चुनाव के लिए विपक्ष ने आज मीटिंग के दौरान अपने उम्मीदवार के नाम का ऐलान कर दिया है। बात दे विपक्ष नें मीरा कुमार को राष्ट्रपति चुनाव के लिए मैदान मे उतारा है।

पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार ने बुधवार को दिल्ली में सोनिया गांधी से उनके आवास पर पहुंचकर मुलाकात की थी। जिसके बाद यूपीए से मीरा कुमार का नाम भी राष्ट्रपति उम्मीदवार के तौर पर चर्चा में आया।

बता दे कि मीरा कुमार पूर्व उप प्रधानमंत्री जगजीवन राम की बेटी है। मीरा कुमार लोकसभा अध्यक्ष के पद पर आसीन होने वाली पहली दलित महिला हैं। साथ ही वह बिहार से इस पद पर आसनी होने वाली दूसरी सांसद हैं।

इससे पहले पांचवीं लोकसभा में बिहार के बलिराम भगत लोकसभाध्यक्ष के पद पर आसीन हुए थे। मीरा कुमार सासाराम संसदीय क्षेत्र से लगातार दूसरी बार और कुल पांचवीं बार संसद में पहुंची हैं।

मीरा कुमार राजनितिक परिचय

*-मीरा कुमार ने अपना राजनीतिक सफर उत्तर प्रदेश से शुरू किया

*-मीरा कुमार लोकसभाध्यक्ष के पद पर आसीन होने वाली पहली दलित महिला हैं।

*-मीरा कुमार ने 1980 में राजनीति में अपने कॅरियर की शुरूआत की

*-मीरा कुमार 1985 में वे पहली बार बिजनौर से संसद चुनी गई थी।

*-मीरा कुमार 1996 दूसरी बार सांसद बनीं

*-मीरा कुमार ने 2004 में बिहार के सासाराम से लोक सभा सीट जीती।

*-2004 में यूनाईटेड प्रोग्रेसिव अलायन्स सरकार में उन्हें सामाजिक न्याय मंत्रालय में मंत्री बनाया गया।

*-1990 में मीरा कुमार कांग्रेस पार्टी की कार्यकारिणी समिति की सदस्य के साथ-साथ अखिल भारतीय कांग्रेस समिति की महासचिव भी चुनी गई।

मीरा कुमार लोकसभा अध्यक्ष के पद पर आसीन होने वाली पहली दलित महिला हैं। साथ ही वह बिहार से इस पद पर आसनी होने वाली दूसरी सांसद हैं। इससे पहले पांचवीं लोकसभा में बिहार के बलिराम भगत लोकसभाध्यक्ष के पद पर आसीन हुए थे। मीरा कुमार सासाराम संसदीय क्षेत्र से लगातार दूसरी बार और कुल पांचवीं बार संसद में पहुंची हैं।

शिक्षा: अंग्रेजी साहित्‍य में स्‍नातकोत्‍तर

वर्ष 1945 में पटना में जन्मीं और दिल्ली के इंद्रप्रस्थ कॉलेज व मिरांडा हाउस से शिक्षा ग्रहण करने वाली मीरा कुमार, कानून में स्नातक और अंग्रेजी साहित्य में स्नातकोत्तर हैं। साल 1973 में वह भारतीय विदेश सेवा (आईएफएस) के लिए चुनी गईं।

इसके बाद स्पेन, ब्रिटेन और मॉरीशस में उच्चायुक्त रहीं लेकिन अफसरशाही उन्हें रास नहीं आई और उन्होंने राजनीति में कदम बढ़ाने का फैसला कर लिया था।

मीरा कुमार ने अपना राजनीतिक सफर उत्तर प्रदेश से प्रारंभ किया। वर्ष 1985 में बिजनौर लोकसभा क्षेत्र में हुए उपचुनाव में उन्होंने उत्तर प्रदेश की वर्तमान मुख्यमंत्री मायावती और कद्दावर दलित नेता रामविलास पासवान को पराजित कर पहली बार संसद में कदम रखा।

हालांकि इसके बाद हुए चुनाव में वह बिजनौर से पराजित हुई। इसके बाद उन्होंने अपना क्षेत्र बदला और 11 वीं तथा 12 वीं लोकसभा के चुनाव में वह दिल्ली के करोलबाग संसदीय क्षेत्र से विजयी होकर फिर संसद पहुंचीं।

जन्‍मस्‍थल बिहार को बनाया कर्मभूमि

मीरा कुमार ने अपनी जन्मस्थली बिहार को ही अपनी कर्मभूमि बनाने का फैसला किया था और अपने पिता की राजनीतिक विरासत संभालने सासाराम जा पहुंचीं थी। सासाराम संसदीय क्षेत्र में 1998 और 1999 के चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के मुनिलाल ने उन्हें पराजित कर दिया।

परंतु 2004 के लोकसभा चुनाव मीरा कुमार ने मुनिलाल को 2,58,262 मतों से पराजित कर जीत हासिल की थी। बता दे उस समय मीरा को पहली बार केन्द्र में मंत्री पद भी प्राप्त हुआ था और साथ सामाजिक न्याय व अधिकारिता मंत्रालय का जिम्मा भी सौंपा गया था।

15 वीं लोकसभा के लिए हुए चुनाव में बिहार में जहां राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की हवा बह रही थी, उसमें भी मीरा कुमार ने सासाराम सीट को बरकरार रखा तथा अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी मुनिलाल को 45 हजार से ज्यादा मतों से पराजित किया।

इसके बाद केन्द्र में उन्हें कैबिनेट मंत्री का दर्जा देते हुए जल संसाधन मंत्रालय सौंपा गया। वह कांग्रेस महासचिव और कांग्रेस कार्यसमिति की सदस्य भी रह चुकी हैं। मीरा के पति मंजुल कुमार सर्वोच्च न्यायालय में वकील हैं।

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