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रिटायरमेंट से पहले बेटे ने नौकरी पाने के लिए कराई पिता की हत्या

मोंटी ने अपने पिता की हत्या का प्लान बनाया था।

रिटायरमेंट से पहले बेटे ने नौकरी पाने के लिए कराई पिता की हत्या
मेरठ. तहसील गेट पर 22 अक्टूबर को हुई एक कानूनगो की हत्या की रचाने वाला और कोई नही बल्कि उनका खुद का इकलौता बेटा था। बेटे ने अपने के गैंगस्टर दोस्त को ही पिता की हत्या के लिए 5 लाख की सुपारी दी थी। पिता की मौत के बाद वह उनकी जगह सरकारी नौकरी पाना चाहता था।
एसपी सिटी आलोक प्रियदर्शी ने बताया कि कानूनगो दीनदयाल आर्य की हत्या की सजिश उनके 22 वर्षीय इकलौते बेटे मोंटी ने ही रची थी। दीन दयाल 30 अक्टूबर को रिटायर होने वाले थे। मोंटी को यह जानकारी थी कि यदि उसके पिता की सेवारत रहते हुए मौत हो जाती है, तो उनके स्थान पर उसे सरकारी नौकरी मिल जाएगी। इसके साथ ही उसका कब्जा अपने पिता के रिटारमेंटल बेनिफिट पर भी हो जाएगा। इसी लालच में मोंटी ने अपने पिता की हत्या का प्लान बनाया था।
आलोक प्रियदर्शी के अनुसार मोंटी का अपराधिक इतिहास होने के कारण पुलिस उस पर नजर रख रही थी। लेकिन पुलिस को चकमा देने के लिए मोंटी ने अपनी मां से बयान दिलवा दिया कि उनके पास एक फोन आया था। फोन करने वाले ने उनसे 5 लाख की मांग की थी और रुपये नहीं देने पर पति की हत्या करने की धमकी दी थी। पुलिस कस्टडी से फरार हुए सतीश गिरी को उसके साथियों के साथ पुलिस ने शनिवार को गिरफ्तार कर लिया। इनमे सुरेंद्र राणा भी था। पूछताछ के दौरान उसने पुलिस को दीनदयाल आर्य की हत्या की जानकारी भी दी। इस पर पुलिस ने मोंटी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उससे जब सख्ती से पूछताछ की तो उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
कानूनगो दीनदयाल आर्य के बेटे मोंटी ने अपने पिता की ह्त्या की इसलिए की क्योंकि वह उनकी जगह सरकारी नौकरी पाना चाहता था। इसके अलावा पिता के रिटारमेंटल बेनिफिट के पैसों पर भी उसकी नजर थी। पुलिस की कस्टडी में मोंटी ने अपना गुनाह कबूल कर लिया है।
साभार- NBT
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