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भारत बंद: दलित हिंसा के मास्टरमाइंड का नाम आया सामने, इस पार्टी से है नाता

एससी एसटी एक्ट को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ दलित संगठनों ने देश के कई हिस्सों में हिंसा और आगजनी की घटनाएं सामने आईं। इस दौरान यूपी के मेरठ और उसके आसपास के इलाकों में हिंसा भड़काने के मास्टरमाइंड का पता चल गया है।

भारत बंद: दलित हिंसा के मास्टरमाइंड का नाम आया सामने, इस पार्टी से है नाता

एससी एसटी एक्ट को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ दलित संगठनों ने देश के कई हिस्सों में हिंसा और आगजनी की घटनाएं सामने आईं। इस दौरान यूपी के मेरठ और उसके आसपास के इलाकों में हिंसा भड़काने के मास्टरमाइंड का पता चल गया है।

बीएसपी पार्टी से है नाता

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, मेरठ में अशांति फैलाने के पीछे बीएसपी नेता का नाम सामने आया है। मेरठ की एसएसपी मंजिल सैनी ने दावा किया है कि बीएसपी के पूर्व विधायक योगेश वर्मा का हाथ है। उन्होंने कहा कि योगेश वर्मा ही यूपी में हिंसा के मुख्य साजिशकर्ता हैं।

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यूपी के कई जिलों में हिंसा

बता दें कि बीते दिन यूपी के मेरठ, मुजफ्फरनगर, हापुड़, आगरा और आजमगढ़ समेत कई जिलों में हिंसा हुई थी। यहां सबसे ज्यादा हिंसा पश्चिमी यूपी के मेरठ जिले में हुई। प्रदर्शन के दौरान मेरठ में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच जमकर झड़प हुई और फिर पुलिस ने लाठीचार्ज भी किया। वहीं कंकरखेड़ा थाने की शोभापुर चौकी को आग लगा दी गई।

कौन है योगेश वर्मा

बीएसपी नेता योगेश वर्मा मेरठ के हस्तिनापुर से विधायक रहे हैं। साल 2007 में मायावती की सरकार में रहे हैं। योगेश वर्मा की गिनती यूपी के बाहुबली नेताओं में होती है।

योगेश वर्मा पहली बार बीएसपी के टिकट पर 2007 में हस्तिानपुर से चुनाव लड़कर विधायक बने थे। बसपा ने साल 2012 में उनका इनका टिकट काट दिया। कभी पार्टी से निकाले जाने पर उन्होंने मायावती के खिलाफ जमकर बयानबाजी की थी।

बसपा सुप्रीमो मायावती ने दी सफाई

वहीं बसपा सुप्रीमो मायावती ने इस सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि दलित आंदोलन को कुछ असामाजिक तत्वों ने हाईजैक किया और बदनाम करने की साजिश रची गई. हालांकि, बीएसपी विरोधी नेता योगेश वर्मा का नाम आने के बाद अब मायावती की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं.

मेरठ में हिंसा

वहीं, मेरठ में भी एक व्यक्ति के गंभीर रूप से घायल होने की सूचना है। इसके अलावा 35 से 40 पुलिसकर्मी भी घायल हैं, लेकिन यह संख्या अभी बढ़ सकती है। वहीं 30 से 35 प्रदर्शनकारी भी घायल है और यह संख्या भी बढ़ सकती है।

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डीआईजी कुमार ने बताया कि इन चारों जिलों से 448 लोगों को हिरासत में लिया गया है और इनसे पूछताछ की जा रही है और लगातार लोगों को हिरासत में लिया जा रहा है। अभी किसी की गिरफतारी के बारे में कोई जानकारी नहीं है।

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