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मेडिकल घोटाला: फोन टेप आया सामने, दलाल ने कहा- ''चायवाले'' की सरकार में करप्शन पर है सख्त नजर

मामले में याचिका दाखिल करने वाले वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने इस टेप की एक स्वतंत्र और पार्दर्शी तरीके से जांच की मांग की है।

मेडिकल घोटाला: फोन टेप आया सामने, दलाल ने कहा-

मेडिकल घोटाले के मामले में ओडिशा हाईकोर्ट के एक पूर्व जस्टिस की दलाल से बातचीत का कथित फोन टेप सीबीआई ने सार्वजनिक किया है। इस मामले में जांच की मांग आगे बढ़ गई है। टेप में जज कथित रूप से मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस सीट बेचने वाले दलाल से बातचीत कर रहे हैं। बातचीत से ये लग रहा है कि मौजूदा सरकार से भ्रष्टाचारियों को डर लग रहा है।

दलाल बातचीत के दौरान कहता है कि 'चाय वाले' की सरकार में सब पर नजर रखी जा रही है। सितंबर 2017 में सीबीआई ने एस मामले में ओडिशा हाईकोर्ट के पूर्व जज आइ एम कुद्दूसी को गिरफ्तार किया था। उनपर आरोप था कि उन्होंने सुप्रीम कोर्ट और इलाहाबाद हाईकोर्ट के कुछ शीर्ष जजों को घूस देकर प्रभावित करने की साजिश रची है।
मामले में याचिका दाखिल करने वाले वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने इस टेप की एक स्वतंत्र और पार्दर्शी तरीके से जांच की मांग की है। मेडिकल एडमिशन घोटाले का यह मामला फिलहाल सुप्रीम कोर्ट में है और यह मामला भी चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया दीपक मिश्रा के खिलाफ चार वरिष्ठ जजों के बागी तेवर दिखाने की एक वजह है।
कथित घोटाले की सुनवाई के लिए जस्टिस जे चेलमेश्वर ने एक संवैधानिक पीठ बनाने का आदेश दिया है लेकिन नवंबर में सीजेआई मिश्रा ने इस आदेश को पलट दिया। मामले में शिकायत करने वाले लोग बातचीत का ट्रांस्क्रिप्ट सर्कुलेट कर रहे हैं। इसमें पता चल रहा है कि ओडिशा हाईकोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस कुद्दूसी ने एडमिशन घोटाले के मामले में जजों को प्रभावित करने की कोशिश की है।

ट्रांस्क्रिप्ट के मुताबिक कुद्दूसी के प्रसाद एजुकेशन ट्रस्ट और सहारनपुर के ग्लोकल मेडिकल कॉलेज के पक्ष में आदेश दिलाने के लिए सुप्रीम कोर्ट के जजों को सेट करने की कोशिश कर रहे हैं। दोनों कॉलेजों पर सरकार के नियमों के खिलाफ जाकर एडमिशन देने का आरोप था। सितंबर में पूर्व जस्टिस कुद्दूसी को मेडिकल कॉलेजों के दलाल विश्वनाथ अग्रवाल और प्रसाद एजुकेशन ट्रस्ट के बीपी यादव से डीलिंग करते हुए पकड़ा गया।
फोन टेप में वो कोड वर्ड में बात कर रहे हैं और सुप्रीम कोर्ट या इलाहाबाद हाईकोर्ट को कोड वर्ड में मंदिर कह कर पुकार रहे हैं। अग्रवाल पूछता है कि यह कौन से मंदिर में है. इलाहाबाद या दिल्ली मंदिर में, कुद्दूसी इसके जवाब में कहते हैं कि नहीं, नहीं अभी तो ये किसी मंदिर में नहीं है, लेकिन यह जाएगा।
अग्रवाल कथित रूप से इस घूसखोरी में कैप्टन के शामिल होने की बात कह रहा है। अग्रवाल कहता है कि हां, हां इसमें आप एक चीज देखेंगे, 100 प्रतिशत यह मामला हमारे कैप्टन के द्वारा ही देखा जाएगा। तो समस्या क्या है मुझे बताइए।
अग्रवाल ने कहा कि 'चायवाले' की सरकार भ्रष्टाचार पर सख्ती से नजर रखे हुए है। अग्रवाल ने कहा कि लगेज पहले ही देना होगा और वह मीटिंग के लिए तैयार नहीं हैं क्योंकि यह चायवाले की सरकार है। यह सब पर नजर रखे हुए है, यही समस्या है।
गौरतलब है कि इस घोटाले में जिन लोगों को हिरासत में लिया गया है उसमें रिटायर्ड जस्टिस इशरत नसरूर कुद्दूसी के अलावा बिचौलिया विश्वनाथ अग्रवाल, प्राइवेट मेडिकल कॉलेज के मालिक बी. पी. यादव और पलाश यादव के अलावा ऑपरेटर राम देव सारस्वत शामिल हैं।
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