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विधानसभा चुनाव नतीजे / माया ने खोले अपने पत्ते, जानिए कांग्रेस को समर्थन देने के मायने

मध्य प्रदेश और राजस्थान समेत पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव परिणाम सामने आने के बाद अब बसपा सुप्रीमों मायावती ने भी अपने पत्ते खोल दिए है। मध्य प्रदेश और राजस्थान में मायावती ने कांग्रेस को समर्थन देने का ऐलान कर दिया है।

विधानसभा चुनाव नतीजे / माया ने खोले अपने पत्ते, जानिए कांग्रेस को समर्थन देने के मायने
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मध्य प्रदेश और राजस्थान समेत पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव परिणाम सामने आने के बाद अब बसपा सुप्रीमों मायावती ने भी अपने पत्ते खोल दिए है। मध्य प्रदेश और राजस्थान में मायावती ने कांग्रेस को समर्थन देने का ऐलान कर दिया है। मायावती द्वारा बिना शर्त कांग्रेस को दिए समर्थन को लेकर राजनीतिक विश्लेषक कई निष्कर्ष निकाल रहे हैं।

मध्य प्रदेश और राजस्थान में कांग्रेस को सिर्फ एक-एक सीट की जरुरत है। इसलिए कांग्रेस को मायावती के समर्थन की बहुत अधिक जरुरत नहीं हैं। कांग्रेस इन दोनों राज्यों में निर्दलीय विधायकों के समर्थन से भी सरकार बना सकती हैं।

लेकिन मायावती ने दोनों राज्यों में कांग्रेस को बिना शर्त समर्थन देकर लोकसभा चुनाव 2019 के लिए अपनी मंशा जाहिर कर दी है। विधानसभा चुनाव से पहले मायावती ने मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह पर भाजपा और आरएसएस का एजेंट होने का आरोप लगाकर गठबंधन करने से इनकार कर दिया था।

विधानसभा चुनाव परिणाम सामने आने के बाद बुधवार को एक प्रेस कांफ्रेंस कर मायावती ने बिना शर्त कांग्रेस को समर्थन देने का ऐलान किया। अपने बयान में बसपा सुप्रीमों मायावती ने कहा कि हम भारतीय जनता पार्टी (BJP) को सत्ता में आने से रोकने के लिए कांग्रेस को समर्थन देंगे।

माया का कांग्रेस पर हमला

मायावती ने प्रेस कांफ्रेंस कर भाजपा और कांग्रेस दोनों पर हमला बोला। मायावती ने कहा कि ये बड़े दुःख की बात हैं लेकिन जनता ने दिल पर पत्थर रख कर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के एक विकल्प के रूप में कांग्रेस को जनादेश दिया हैं।

लक्ष्य- 2019

मायावायती द्वारा कांग्रेस को समर्थन देने की बात को बहुत से राजनीतक विश्लेषक लोकसभा चुनाव 2019 से जोड़कर देख रहे हैं। कुछ विश्लेषक मानते हैं कि मायावती और अखिलेश लोकसभा चुनाव 2019 कांग्रेस के साथ मिलकर लड़ सकते हैं।

हालांकि इस बात को अभी दावे के साथ नहीं कहा जा सकता, क्योंकि संसद के शीतकालीन सत्र से पहले 10 दिसंबर को टीडीपी अध्यक्ष चंद्रबाबू नायडू द्वारा बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में मायावती और अखिलेश यादव शामिल नहीं हुए थे।

माया ने जीते प्रत्याशियों को दिल्ली बुलाया

मध्य प्रदेश में आए त्रिशंकु विधानसभा के नतीजों के बाद बहुजन समाजवादी पार्टी के जीते प्रत्याशियों को मायावती ने दिल्ली बुला लिया है। इस कदम के पीछे माना जा रहा था कि मायावती ने पहले ही बीजेपी को समर्थन नहीं देने का मन लिया था।

सूत्रों के अनुसार मध्य प्रदेश में खुद सीएम शिवराज सिंह चौहान ने बसपा से समर्थन के लिए संपर्क साधा था। खबरों के अनुसार कांग्रेस ने बीएसपी को अपने खेमे में मिलाने के लिए अपने दूत भेजे थे। दोनों ही दल बीएसपी को अपने पाले में करने जुटे हुए थे।

भाजपा को बढ़ी मुश्किलें

तीन राज्यों में सत्ता गंवाने के बाद भारतीय जनता पार्टी द्वारा की मुश्किलें बढती हुई दिखाई दे रही है। खासकर पीएम मोदी को इन परिणामों से गहरा झटका लगा है। भाजपा शासित तीनों राज्यों में सत्ता से बाहर होते दिखते ही प्रधानमंत्री की कार्यशैली और उनकी नीतियों को ही जिम्मेदार माना जा रहा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इन चुनाव परिणाम की समीक्षा के लिए अहम बैठक बुलाई है। पीएम मोदी ने भारतीय जनता पार्टी के कोर ग्रुप की बैठक को बुलाया। माना जा रहा है कि इसमे चुनाव के नतीजों पर चर्चा की गई है।

इस बैठक में विधानसभा चुनाव परिणाम पर चर्चा हुई। हार पर भाजपा क्या रणनीति अपनाएगी और किस तरह से परिणामों पर प्रतिक्रिया जाहिर करेगी, इस पर विचार किया गया। कहा जा रहा है कि भाजपा की हार से पार्टी के नेता निराश हैं।

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