Top
Hari bhoomi hindi news chhattisgarh

गोरखपुर के अस्पताल में बच्चों की मौत को प्रधानमंत्री द्वारा प्राकृतिक आपदा बताना दुखद: मायावती

उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार में हुई यह त्रासदी हर स्तर पर व्याप्त भारी भ्रष्टाचार के कारण हुई है।

गोरखपुर के अस्पताल में बच्चों की मौत को प्रधानमंत्री द्वारा प्राकृतिक आपदा बताना दुखद: मायावती
X

बहुजन समाज पार्टी सुप्रीमो मायावती ने आज कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गोरखपुर की आपराधिक सरकारी लापरवाही के कारण माताओं की गोद उजड़ जाने को ‘प्राकृतिक आपदा' बताया, जो बहुत दुःखद और आश्चर्यचकित करने वाली बात है।

इसे भी पढ़ें: VIDEO: बाढ़ से बेहाल हुआ असम, सड़क पर लोग कर रहे हैं मछलियों का शिकार

देश की जनता को अब तो समझ लेना चाहिये कि भाजपा नेताओं की सोच कैसी है। मायावती ने आज यहां जारी एक बयान में कहा कि इसके अलावा भाजपा अध्यक्ष अमित शाह का बेंगलुरू में आयोजित पत्रकार वार्ता में कहना कि इतने बडे़ देश में इस प्रकार की घटनायें होती रहती है, स्तब्ध कर देने वाला बड़ा ही गै़र-ज़िम्मेदाराना बयान है।

वास्तव में भाजपा जैसी सत्ता के नशे में चूर व अहंकारी पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष ही ऐसा घोर असंवेदनशील व अमानवीय बयान देने की हिम्मत कर सकता है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले के प्राचीर से कल 15 अगस्त को दिये गये सम्बोधन पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुये मायावती ने आरोप लगाया कि देश की आम जनता वर्षों से यहाँ सरकारों की कथनी व करनी में ज़मीन-आसमान के भारी अन्तर की त्रासदी से पीड़ित रही है।

अब यह इस अभिशाप से हर हाल में मुक्ति चाहती है, परन्तु मोदी सरकार तो इस मामले में हमें नया कीर्तिमान स्थापित करती हुई लगती है जिससे लोगों में निराशा फैलती जा रही है।

उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार में हुई यह त्रासदी हर स्तर पर व्याप्त भारी भ्रष्टाचार के कारण हुई है। फिर भी गोरखपुर की इस त्रासदी को लाल किले से अपने भाषण में प्रधानमंत्री मोदी ने ‘प्राकृतिक आपदा' बताकर अपनी पार्टी की सरकार को बचाने का प्रयास किया है।

यह देश की आम जनता की समझ से बाहर की बात है, जबकि भाजपा के ही सांसद और राष्ट्रीय सेवक संघ इसे बच्चों का 'नरसंहार' की बात कर रहे हैं।

उन्होंने दावा किया कि भाजपा लोकसभा का आम चुनाव समय से पहले अगले वर्ष के अन्त तक ख़ासकर भाजपा-शासित हिन्दी भाषी राज्यों के साथ ही कराना चाहती है, इसलिये कम से कम अब तो इनको जनहित के प्रति ईमानदार होकर अपनी कथनी व करनी में सत्यता लाकर ‘जनहिताय' का पाठ पढ़ लेना चाहिये।

इसे भी पढ़ें: 1984 दंगा मामलाः SC ने 199 केसों की जांच के लिए बनाया 2 जजों का पैनल

मायावती ने कहा कि इनके हर दावे अनोखे व निराले हैं क्योंकि ये सभी जमीनी हकीकत से काफी दूर हैं। सरकार अपने चौथे वर्ष में भी देश के करोड़ों ग़रीबों, मज़दूरों, किसानों, युवाओं, बेरोजगारों, महिलाओं व अन्य मेहनतकश लोगों का कुछ भी ऐसा भला नहीं कर पायी है जिससे उनके जीवन में थोड़ा भी सुख व समृद्धि आयी हो।

और पढ़े: Haryana News | Chhattisgarh News | MP News | Aaj Ka Rashifal | Jokes | Haryana Video News | Haryana News App

Next Story
Top