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International Women''s Day: ये है देश का पहला महिला रेलवे स्टेशन, लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में है दर्ज

अन्तरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आज हम आपको देश के एक ऐसे रेलवे स्टेशन के बारे में बताने जा रहे हैं, जो सिर्फ महिलाओं द्वारा ही संचालित किया जाता है।

International Women

8 मार्च को दुनियाभर में महिला दिवस मनाया जाता है। हमारा देश अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर खेल से लेकर तकनीक और शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है। देश की इस प्रगति में पुरुषों के साथ-साथ महिलाओं का भी उतना ही योगदान है।

आज (8 मार्च) 'अन्तरराष्ट्रीय महिला दिवस' के अवसर हम आपको देश के एक ऐसे रेलवे स्टेशन के बारे में बताने जा रहे हैं, जो सिर्फ महिलाओं द्वारा ही संचालित किया जाता है।

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मुंबई का माटूंगा रेलवे स्टेशन देश का पहला रेलवे स्टेशन बन गया है जो सिर्फ महिलाओं द्वारा चलाया जाता है। इसे लिम्का बुक रिकॉर्ड में दर्ज किया गया है। इस रेलवे स्टेशन पर कुल 41 महिलाएं कार्यरत हैं, जिनमें 17 बुकिंग क्लर्क, 8 टिकट चेकर, 6 RPF पर्सनल, दो रेलवे उद्घोषक 5 प्वाइंट पर्सन और 2 क्लीनिंग स्टाफ शामिल हैं।

ये सभी महिला कर्मचारी स्टेशन मैनेजर ममता कुलकर्णी की देखरेख में काम करेंगी। बता दें कि साल 1992 में ममता कुलकर्णी मुंबई डिविजन की पहली महिला स्टेशन मास्टर बनीं थीं। पिछले 6 महीने से ये महिला स्टाफ इस रेलवे स्टेशन का परिचालन कर रहा है।

यहां स्टेशन पर महिला टिकट चेकर भी मौजूद रहती हैं जो बिना टिकट यात्रा कर रहे पुरुषों से निपटने में पूरी तरह सक्षम हैं। दादर और साइन के बीच स्थित माटूंगा मुंबई का एजुकेशनल हब है। कई चुनौतियां होने के बावजूद महिलाएं इस स्टेशन को सुचारु रूप से चला रही हैं।

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