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मणिशंकर अय्यर के ''पीएम मोदी नीच'' वाले बयान पर देश में घमासान, कांग्रेस भी हुई परेशान

पीएम ने कहा कि मणिशंकर का यह बयान मुगल मानसिकता को दर्शाता है और हम इसपर कोई प्रतिक्रिया नहीं देंगे।

मणिशंकर अय्यर के

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर पर कड़ा पलटवार किया और कहा कि आपने मुझे नीच कहा। मेरी जाति कोई भी हो, लेकिन संस्कार ऊंचे हैं। उन्होंने कहा कि ‘श्रीमान मणिशंकर अय्यर’ ने कहा कि मोदी नीच है। मोदी नीच जाति का है। क्या यही भारत की महान परंपरा है? ये गुजरात का अपमान है। मुझे तो मौत का सौदागर तक कहा जा चुका है। गुजरात की संतानें इस तरह की भाषा का तब जवाब दे देंगी, जब चुनाव के दौरान कमल का बटन दबेगा।

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पीएम मोदी ने कहा कि मुझे भले ही नीच कहा है। लेकिन आप लोग अपनी गरिमा मत छोड़िएगा। बता दें कि अय्यर के बयान से कॉन्ट्रोवर्सी तब खड़ी हुई है, जब गुजरात में 9 नवंबर को पहले फेज की 89 सीटों पर वोटिंग होनी है। सूरत में रैली करने पहुंचे। पीएम ने रैली में अपने भाषण के दौरान कहा कि मणिशंकर का यह बयान मुगल मानसिकता को दर्शाता है और हम इसपर कोई प्रतिक्रिया नहीं देंगे। ये 18 तारीख को नतीजे ही दिखाएंगे कि गुजरात के बेटे को ऐसा कहना कितना भारी पड़ेगा।

मानसिक संतुलन खो बैठे कांग्रेसी

पीएम ने जनता से कहा कि आपने मुझे प्रधानमंत्री के तौर पर देखा है। आपने कभी ऐसा देखा है कि मैंने कभी कोई नीच काम किया है। कांग्रेस के लोगों आप मानसिक संतुलन गंवा चुके हैं। मुझे कोई फर्क नही पड़ता इस देश के गरीबों के साथ बैठने में। मुझे गर्व है कि भले ही मैं नीच जाति का हूं, लेकिन ऊंचा काम करना मेरे संस्कार है।

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कमल का निशान दबाकर दें जवाब

पीएम मोदी ने कहा कि मैं सभी लोगों से विनती करता हूं कि जिस ने मेरे लिए ऐसे शब्दों का इस्तमाल किया है, देश के प्रधानमंत्री के लिए इस्तेमाल किया है, मैं तो ये ही कहुंगा कि कोई इनके खिलाफ कोई एक शब्द ना बोलें, लेकिन अगर आप के दिल में ऐसी मानसिकता के लिए गुस्सा हो तो 9 और 14 तारीख को मतदान करना, कमल के निशान पर बटन दबाकर उच्चत काम करना। मुझे भले ही नीच जाति का कहे, भले ही अपशब्द बोले, लेकिन कोई दूसरे को कुछ बोलेगा नहीं। लोकशाही में ऐसे लोगों को सबक सिखाने का एक ही रास्ता है, कमल का निशान दबाने का। मुझे मौत का सौदागर कहा गया, जेल में डालने की कोशिश गई।

माफी मांगे अय्यर: राहुल गांधी

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने भी अपनी पार्टी के वरिष्ठ नेता की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि भाजपा और प्रधानमंत्री लगातार कांग्रेस पर हमला करने के लिए गलत भाषा का इस्तेमाल करते हैं। कांग्रेस पार्टी में अलग तरह की परंपरा और विरासत रही है। मैं पीएम मोदी को संबोधित करने के लिए मणिशंकर अय्यर द्वारा इस्तेमाल की गई भाषा और तरीके का समर्थन नहीं करता। कांग्रेस और मैं दोनों चाहते हैं कि जो भी उन्होंने कहा उसके लिए वो माफी मांगें।

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मणिशंकर अय्यर ने माफी मांगी

बवाल होने के बाद मणिशंकर अय्यर फिर मीडिया के सामने आए और अपने बयान पर माफी मांगी। उन्होंने कहा कि मैं कोई कांग्रेस का प्रवक्ता नहीं हूं। मैं कोई बड़ा डिप्लोमैट नहीं रहा। हां, मैंने नीच शब्द का इस्तेमाल किया। मैं हिंदी भाषी नहीं हूं, अंग्रेजी से ट्रांसलेट करता हूं। मैंने सोचा कि जैसे लायक और नालायक एक-दूसरे से विपरीत शब्द हैं। एक बार अटलजी के लिए भी कहा था कि वह बड़े लायक प्रधानमंत्री हैं, लेकिन नालायक काम करते हैं। मैं नालायक कहना चाह रहा था, लेकिन ‘नीच’ का मतलब निकलता है, लो बोर्न। मुझे इसका पता नहीं था, इसलिए माफी मांगता हूं।

अय्यर की टिप्पणी ‘कुलीन मानसिकता' का परिचायक: जेटली

अय्यर द्वारा मोदी को ‘नीच' संबोधित करने पर वित्त मंत्री अरूण जेटली ने कहा कि यह ऐसी मानसिकता का परिचायक है कि इस देश में ‘केवल एक कुलीन परिवार' ही शासन कर सकता है। प्रधानमंत्री को ‘नीच' कह कर कांग्रेस पार्टी ने भारत के कमजोर एवं पिछड़े वर्ग के लोगों को चुनौती देने का काम किया है। लोकतंत्र की ताकत तब प्रदर्शित होगी जब एक कमजोर पृष्ठभूमि से आने वाला व्यक्ति राजनीति तौर पर वंशवाद और उसके प्रतिनिधियों को पराजित करेगा। प्रधानमंत्री को मणिशंकर अय्यर द्वारा नीच संबोधित करना ऐसी मानसिकता को प्रदर्शित करता है कि केवल एक कुलीन परिवार ही शासन कर सकता है, बाकी सब ‘नीच' हैं।

अय्यर के बयान पर भाजपा का हमला

केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि दुनिया में देश का मान बढ़ाने वाले को कांग्रेस ने नीच कहा। मैं इसकी निंदा करता हूं। अय्यर एक दरबारी नेता हैं। राजीव गांधी के करीबी दोस्त रहे हैं। पहले मोदीजी को चाय बेचने वाला कहा। कांग्रेस एक सामंती सोच वाली पार्टी है। उन्हें ये दुख है कि गरीब का बेटा कैसे पीएम बन गया। क्या उन्हें ही देश चलाने का अधिकार है। आज मोदीजी ने दिल्ली में अंबेडकरजी के प्रोग्राम में कहा कि वो गरीबी में पले थे। संविधान के जानकार थे। पीएम ने क्या गलत कहा। उन्होंने सिर्फ ये कहा था कि कांग्रेस पार्टी ने अंबेडकरजी को सम्मान क्यों नहीं दिया। गांधी-नेहरू परिवार के दरबारी नेता पीएम को नीच कह रहे हैं। मैं कहता हूं कि यह सब राहुल गांधी की सहमति से होता है। अब राहुल इसका जवाब दें।

अय्यर के बयान पर कांग्रेस की सफाई

कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि बीजेपी वाले तो घड़ियाले आंसू बहाएंगे। अंबेडकरजी एक दलित थे और आरक्षण के पक्षधर थे। लेकिन आरएसएस नेता मनमोहन वैद्य ने कहा था कि आरक्षण का फायदा समाज के हर तबके को नहीं मिलता है, इसलिए इसे खत्म कर दिया जाए। संघ प्रमुख ने भी आरक्षण का विरोध किया। पर मोदी कुछ नहीं बोले।

मणिशंकर अय्यर ने पीएम मोदी को कहा नीच आदमी

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मणिशंकर अय्यर गुरुवार को मर्यादाओं की सभी सीमाएं लांघ गए। उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी को लेकर बदजुबानी की और उनके लिए असभ्य शब्दों का प्रयाेग किया। दरअसल प्रधानमंत्री ने दिल्ली स्थित इंटरनेशनल बाबा साहेब आंबेडकर सेंटर का उद्घाटन किया। इस मौके पर उन्होंने कांग्रेस और राहुल गांधी पर इशारों में जमकर निशाना साधा और कहा था कांग्रेस ने एक परिवार को बढ़ाने के लिए बाबा साहेब के योगदान को दबाया। राहुल पर तंज कसते हुए मोदी ने कहा कि आजकल कुछ लोगों को ‘बाबा साहब’ नहीं, बल्कि ‘बाबा भोले’ याद आ रहे हैं। पीएम के इस बयान पर कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर ने तल्ख टिप्पणी की है। उन्होंने मोदी को ‘नीच’ और ‘असभ्य’ तक कह डाला।

मणिशंकर अय्यर ने पहले भी पीएम मोदी का किया अपमान

अय्यर ने इससे पहले 2014 लोकसभा चुनावों के वक्त पीएम मोदी को ‘चायवाला’ भी कहा था। अय्यर ने कहा कि अंबेडकर जी की सबसे बड़ी ख्वाहिश को जवाहर लाल नेहरू ने ही साकार किया। इस परिवार के बारे में कैसी गंदी बात कही, जबकि अंबेडकर जी की याद में एक इमारत का उद्घाटन हो रहा था। यहां मुझे लगता है कि ये आदमी बहुत नीच किस्म का आदमी है। इसमें कोई सभ्यता नहीं है, ऐसे मौके पर कोई इस गंदी राजनीति की क्या आवश्यकता है।

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