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अय्यर और सिब्बल के इन दो बयानों ने डुबोई गुजरात में कांग्रेस की लुटिया

चुनाव के बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के जुबानी तीर से कांग्रेस को करारा झटका मिला।

अय्यर और सिब्बल के इन दो बयानों ने डुबोई गुजरात में कांग्रेस की लुटिया

गुजरात में कांग्रेस एक बार फिर सत्ता हासिल करने में नाकाम रही, हिमाचल हाथ से छूट गया। चुनाव के बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के जुबानी तीर से कांग्रेस को करारा झटका मिला।

मणिशंकर अय्यर ने गुजरात चुनाव में पीएम मोदी को 'नीच किस्म का आदमी' बताकर कांग्रेस को बड़ी मुसीबत में डाल दिया। फिर भाजपा ने उनके इस बयान को भुनाया। इस डैमेज का कंट्रोल कांग्रेस के लिए कठिन हो गया। ऐसा लगा कि अय्यर ने कांग्रेस के लिए सुपारी ले ली है।

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राहुल गांधी ने लगातार मंदिरों की यात्रा और रैलियों से जो माहौल बनाया था उसे अय्यर के बयान से नुकसान हुआ। इस बयान के बाद मोदी ने अपनी सामान्य पृष्ठभूमि का जिक्र करते हुए प्रचार में इसका कई बार जिक्र किया और कांग्रेस पर निशाना साधा।

इसे गुजरात का अपमान और गुजरात की अस्मिता से जोड़कर एक भावनात्मक मुद्दा बना दिया। गुजरात की भावनाओं से जोड़कर रैलियों में यह बयान परोसा।

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हालांकि कांग्रेस ने अय्यर को बाहर का रास्ता दिखा दिया लेकिन इस बयान का नुकसान उठाना पड़ा। इधर, गुजरात चुनाव में 2002 के बाद से ही हिंदुत्व हमेशा प्रमुख मुद्दा रहा है।

इस बार कांग्रेस इस मुद्दे से बचते हुए विकास, जीएसटी और नोटबंदी पर आक्रोश को अपने चुनावी सभाओं में उछाल रही थी लेकिन इसी बीच 5 दिसंबर को सुप्रीम कोर्ट में राम मंदिर की सुनवाई के दौरान कपिल सिब्बल ने 2019 चुनाव तक राम मंदिर केस को टालने की अपील कर दी।

कपिल सिब्बल का यह बयान भाजपा के लिए संजीवनी साबित हुआ। पीएम मोदी समेत सभी भाजपा नेताओं ने सिब्बल के इस बयान को गुजरात में भुनाया।

अय्यर के ऐसे बोल

मणिशंकर ने पीएम मोदी को कहा, ये आदमी बहुत नीच किस्म का है। इसमें कोई सभ्यता नहीं है। ऐसे मौके पर इस किस्म की गंदी राजनीति करने की क्या आवश्यकता है?

सिब्बल की दलील

सुप्रीम कोर्ट में सुन्नी वक्फ बोर्ड के वकील कपिल सिब्बल ने कहा था, कृपया होने वाले असर को ध्यान में रखकर इस मामले की सुनवाई कीजिए। मामले की सुनवाई जुलाई 2019 में की जाए, हम यकीन दिलाते हैं कि हम किसी भी तरह से इसे और आगे नहीं बढ़ने देंगे। सिर्फ इंसाफ ही नहीं होना चाहिए, बल्कि ऐसा दिखना भी चाहिए।

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