Top
Hari bhoomi hindi news chhattisgarh

आरोपी के बदले भाई ने काटी 10 साल सजा

फिंगरप्रिंट मिलान के बाद मिली रिहाई।

आरोपी के बदले भाई ने काटी 10 साल सजा
बिजनौर. कत्ल के एक मामले में पुलिस ने आरोपी पप्‍पू की जगह उसके भाई बाला सिंह को कोर्ट में पेश कर दिया। बाला सिंह ने 10 साल की सजा भी काटी है। जब फिंगरप्रिंट का मिलान हुआ तो पता चला कि सजा काटने वाला आरोपी नहीं, बल्कि दूसरा शख्स है। उसे शुक्रवार को जेल से रिहा कर दिया गया। जेल से छूटने के बाद बाला सिंह की आंखों में आंसू थे। उन्होंने कहा, आखिरकार मुझे इंसाफ मिल गया, लेकिन मैंने अपना काफी समय खो दिया। बाला ने कहा, मैं आरोपी नहीं हूं, यह साबित करने के लिए पास कोई सरकारी दस्तावेज नहीं था। अब सारे सपने खत्म हो गए।
2006 में किया था पुलिस ने गिरफ्तार
पुलिस के अनुसार साबूदाला गांव में धरमपाल की हत्या के आरोप में 4 लोगों की तलाश थी। 3 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया, लेकिन एक आरोपी पप्‍पू पुलिस के हाथ नहीं आया। कोर्ट ने सुस्ती और खराब जांच की बात कहकर पुलिस को फटकार लगाई तो पुलिस ने 30 अप्रैल 2006 को पप्पू के भाई बाला को आरोपी के तौर पर कोर्ट में पेश कर दिया। जिसके बाद वो अब तक सजा काटता रहा।
फिंगरप्रिंटों का नहीं हुआ मिलान
बाला की मां राजकुमारी ने कहा, कोर्ट ने पप्पू और बाला के फिंगरप्रिंट मैच कराने का ऑर्डर दिया था। जिला जेल सुपरिटेंडेंट डीसी मिश्रा ने कहा, एक मामले में पहले भी पप्‍पू के फिंगरप्रिंट हमें मिले थे।ह्हमने पिछले साल पप्पू और बाला के फिंगरप्रिंट को एक साथ लखनऊ की फॉरेंसिक लैब में जांच के लिए भेजा। लैब ने इस बात की पुष्टि की कि बाला के फिंगरप्रिंट पप्पू से मैच नहीं कर रहे हैं।
नेपाल में हो गई थी पप्पू की हत्या
बाला सिंह का परिवार साहूवाला में रहता है। राजकुमारी वकील कोमल सिंह के यहां काम करती हैं, उन्होंने बाला का केस लड़ा। राजकुमारी ने बताया, आरके सिंह का नाम का पुलिस अफसर घर आया और बाला को ले गया। बाला जेल में रहा, जबकि पप्‍पू नेपाल भाग गया। नेपाल में पप्पू की हत्‍या कर दी गई। राजकुमारी का आरोप था, मैंने पप्‍पू का डेथ सर्टिफिकेट भी जमा किया, लेकिन पुलिस ने बात नहीं सुनी।
खबरों की अपडेट पाने के लिए लाइक करें हमारे इस फेसबुक पेज को फेसबुक हरिभूमि, हमें फॉलो करें ट्विटर और पिंटरेस्‍ट पर-
Next Story
Top