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केंद्र Vs ममता बनर्जी: कोलकाता पुलिस कमिश्नर पर लगे हैं ये आरोप, जिसका ममता कर रहीं बचाव!

कोलकाता पुलिस कमिश्नर (Police Commissioner of Kolkata) राजीव कुमार (Rajiv Kumar) से चिटफंड घोटाले (Chit Fund Scam) के मामले में पूछताछ करने के लिए गई सीबीआई की टीम को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। सीबीआई के पांच अधिकारियों को कोलकाता पुलिस गिरफ्तार करके थाने ले गई। कमिश्नर राजीव कुमार ने सारदा और रोज वैली स्कैम से जुड़े मामले में जांच की थी।

केंद्र Vs ममता बनर्जी: कोलकाता पुलिस कमिश्नर पर लगे हैं ये आरोप, जिसका ममता कर रहीं बचाव!
कोलकाता पुलिस कमिश्नर (Police Commissioner of Kolkata) राजीव कुमार (Rajiv Kumar) से चिटफंड घोटाले (Chit Fund Scam) के मामले में पूछताछ करने के लिए गई सीबीआई की टीम को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। सीबीआई के पांच अधिकारियों को कोलकाता पुलिस गिरफ्तार करके थाने ले गई। कमिश्नर राजीव कुमार ने सारदा और रोज वैली स्कैम से जुड़े मामले में जांच की थी।
1989 बैच के आईपीएस अफसर राजीव कुमार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का करीबी माना जाता है। 2013 में शारदा चिटफंड घोटाला मामले की जांच के लिए राज्य सरकार द्वारा गठित स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम के वह अध्यक्ष थे। उस समय उन पर धांधली का आरोप लगा था।
राजीव कुमार (Rajiv Kumar) पर आरोप है कि SIT के अध्यक्ष के तौर पर उन्होंने जम्मू-कश्मीर में शारदा प्रमुख सुदीप्त सेन और उनके सहयोगी देवयानी को गिरफ्तार किया था। और उनके पास से एक डायरी मिली थी। जिसे राजीव कुमार ने गायब कर दिया था। इस डायरी में उन सभी नेताओं के नाम थे जिन्होंने चिटफंड कंपनी से रुपए लिए थे। इस मामले में कोर्ट के आदेश पर राजीव कुमार को सीबीआई ने आरोपित किया है।

चिटफंड घोटाला क्या है

पश्चिम बंगाल का चर्चित चिटफंड घोटाला 2013 में उजागर हुआ था। इस घोटाले का खुलासा अप्रैल 2013 में हुआ था। आरोप है कि शारदा ग्रुप की कंपनियों ने गलत तरीके से निवेशकों से पैसे जुटाए और उन्हें वापस नहीं किया। इस घोटाले की वजह से पश्चिम बंगाल सरकार पर सवाल उठे थे।
नियम के मुताबिक यह स्कीम किसी संस्था या फिर व्यक्ति के जरिए आपसी संबंध या फिर दोस्तों के बीच चलाया जा सकता है। लेकिन अब चिट फंड के स्थान पर सामूहिक सार्वजनिक जमा या सामूहिक निवेश योजनाएं चलाई जा रही हैं। इनका ढांचा इस तरह का होता है कि चिटफंड को सार्वजनिक जमा योजनाओं की तरह चलाया जाता है और कानून का इस्तेमाल घोटाला करने के लिए होता है।
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