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दीदी के बंगाल में लागू नहीं होगी पीएम मोदी की ये बड़ी योजना, ये है वजह

केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने दुनिया के सबसे बड़ी हेल्थकेयर स्कीम राष्ट्रीय स्वास्थ्य सुरक्षा योजना का ऐलान किया था, जिसे मोदी केयर नाम दिया जा रहा है।

दीदी के बंगाल में लागू नहीं होगी पीएम मोदी की ये बड़ी योजना, ये है वजह

केंद्रीय बजट में पेश की गई राष्ट्रीय स्वास्थ्य सुरक्षा योजना को पश्चिम बंगाल में नहीं लागू की जाएगी। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा हम मेहनत से कमाए गए संसाधनों को इस योजना में अपनी हिस्सेदारी के रूप में नहीं देने वाले। राज्य में ऐसी योजनाएं पहले से चल रही हैं।

कृष्णानगर में आयोजित एक जनसभा में ममता बनर्जी ने कहा केंद्र सरकार एक स्वास्थ्य योजना ला रही है, जिसमें 40 फीसदी हिस्सा राज्यों को देना होगा, जबकि 60 फीसदी केंद्र सरकार लगाएगी। उन्होंने कहा कि यह एक अव्यवहारिक योजना है।

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उन्होने कहा कि राज्य में पहले से ऐसी योजना चल रही है। ऐसे में एक और योजना पर हम अपने संसाधनों और पैसे को बर्बाद नहीं कर सकते। उन्होंने कहा अगर हमारे पास संसाधन हैं तो हमारी अपनी योजनाएं भी होंगी।

गौरतलब है कि आम बजट पेश करते हुए केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के नाम पर घोषित ओबामा केयर के जवाब में दुनिया के सबसे बड़ी हेल्थकेयर स्कीम राष्ट्रीय स्वास्थ्य सुरक्षा योजना का ऐलान किया था, जिसे मोदी केयर नाम दिया जा रहा है।

नेशनल हेल्थ प्रॉटेक्शन स्कीम (राष्ट्रीय स्वास्थ्य सुरक्षा योजना) के तहत अब 10 करोड़ गरीब परिवारों के लिए सालाना 5 लाख रुपये के स्वास्थ्य बीमा (हेल्थ इंश्योरेंस) मिलेगा।

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जेटली ने इसे दुनिया का सबसे बड़ा हेल्थ केयर प्रोग्राम करार देते हुए कहा था कि इससे कम-से-कम 50 करोड़ लोगों को लाभ मिलेगा। नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत के मुताबिक, इस योजना पर सालाना खर्च लगभग 5500 से 6000 करोड़ रुपये आएगा।

ऐसे में केंद्र ने 2000 करोड़ रुपये बजट इसके लिए निर्धारित किए हैं। केंद्र की मंशा है कि राज्य सरकारें बाकी पैसे अपने पास से दें।

इस पर ममता बनर्जी ने कहा, 'हमने पश्चिम बंगाल में इलाज और स्वास्थ्य सेवाएं मुफ्त की हैं। जबकि हमें हर साल पिछली सीपीएम सरकार के लोन के लिए 48,000 करोड़ रुपये केंद्र को देने पड़ते हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि राज्य के स्वास्थ्य साथी कार्यक्रम के तहत 50 लाख लोगों को जोड़ा जा चुका है। ममता ने केंद्र पर निशाना साधते हुए कहा कि केंद्र ने 'बेटी बचाओ' योजना के तहत 100 करोड़ रुपये पूरे देश के लिए जारी किए हैं, जबकि पश्चिम बंगाल सरकार ने 'कन्याश्री प्रॉजेक्ट' के लिए 5000 करोड़ रुपये दिए।

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