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धरना खत्म करते ही बोलीं ममता : इस्तीफा देकर गुजरात वापस लौट जाएं पीएम, जानें क्यों शुरू हुआ विवाद

सीबीआई विवाद को लेकर धरने पर बैठीं मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने तीसरे दिन अपना धरना खत्म कर दिया है। उन्होंने कहा कि यह धरना भारत के लोकतंत्र और संविधान की जीत है। इसी वजह से हमने इसे आज समाप्त कर दिया। ममता ने कहा पीएम आप दिल्ली से इस्तीफा देकर गुजरात वापस लौट जाइए।

धरना खत्म करते ही बोलीं ममता : इस्तीफा देकर गुजरात वापस लौट जाएं पीएम, जानें क्यों शुरू हुआ विवाद
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सीबीआई विवाद को लेकर धरने पर बैठीं मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने तीसरे दिन अपना धरना खत्म कर दिया है। उन्होंने कहा कि यह धरना भारत के लोकतंत्र और संविधान की जीत है। इसी वजह से हमने इसे आज समाप्त कर दिया। ममता ने कहा पीएम आप दिल्ली से इस्तीफा देकर गुजरात वापस लौट जाइए। दिल्ली में एक आदमी, एक पार्टी की सरकार चल रही है। उन्होनें कहा, कोर्ट ने आज एक सकारात्मक जजमेंट दिया है। अगले हफ्ते, इस मुद्दे को हम दिल्ली में उठाएंगे। उन्होंने यह भी कहा, 'वे (केंद्र सरकार) स्टेट की एजेंसियों समेत सभी पर नियंत्रण चाहते हैं?

सुको ने साफ किया- गिरफ्तारी नहीं होगी

सुप्रीम कोर्ट ने कोलकाता के पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार को शारदा चिटफंड घोटाले के सिलसिले में पूछताछ के लिए सीबीआई के सामने पेश होने का आदेश दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने हालांकि यह भी साफ किया कि राजीव कुमार की गिरफ्तारी नहीं होगी, ऐसे में उन्हें पेश होने में दिक्कत नहीं होनी चाहिए।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक, राजीव कुमार को पश्चिम बंगाल से बाहर मेघायल की राजधानी शिलॉन्ग में सीबीआई के सामने पेश होना होगा। वहीं सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में पश्चिम बंगाल सरकार, राज्य के डीजीपी और कमिश्नर राजीव कुमार से अवमानना के मामले में जवाब तलब किया है। बता दें कि बंगाल की सीएम ममता सीबीआई के खिलाफ तीन दिन से धरने पर बैठीं हुई हैं।

राजनीतिक ड्रामे का दो वाक्य में अंत, वकील खुश

कोलकाता से लेकर दिल्ली तक चल रहे राजनीतिक ड्रामे को सुप्रीम कोर्ट ने दो वाक्य में ख़त्म कर दिया। इस आदेश के बाद केंद्र सरकार और सीबीआई के वकील अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल और सॉलिसिटर जनरल तूषार मेहता ने आगे कुछ कहने की ज़रूरत महसूस नहीं की। वहीं पश्चिम बंगाल सरकार की तरफ से पेश हुए अभिषेक मनु सिंघवी भी खुशी-खुशी कोर्टरूम से बाहर निकले।

ममता बोलीं- सीबीआई को रसगुल्ला खिलाएंगे

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद ममता बनर्जी ने कहा, 'यह वैचारिक जीत है। न्यायपालिका पर हमारा पूरा विश्वास है। इससे अधिकारियों का आत्मविश्वास बढ़ेगा। ममता बनर्जी ने आगे कहा कि वो सीबीआई अफसरों के खिलाफ नहीं हैं, अगर वो खुद का दुरुपयोग नहीं होने देंगे तो हम उनका सम्मान करेंगे। हम सीबीआई के अफसरों को रसगुल्ला और मिठाई भी खिलाएंगे।

सीजेआई बोले- हम सारी फाइल पढ़कर आए हैं

सीबीआई के वकील वेणुगोपाल आगे भी जांच से जुड़ी बातें बताना चाह रहे थे लेकिन मुख्य न्यायधीश ने उन्हें रोक दिया। उन्होंने इशारा किया कि वह सारी फाइल पढ़ कर आए हैं। जस्टिस गोगोई ने सिर्फ ये जानना चाहा कि पुलिस कमिश्नर सीबीआई के सामने पेश क्यों नहीं हो रहे हैं। इसमें क्या दिक्कत है। इसका जवाब उन्होंने पश्चिम बंगाल के वकील सिंघवी से पूछा।

सरकार आधी बात बता रही

बंगाल सरकार के वकील मनु सिंघवी ने कहा कि सरकार आधी बात बता रही है। दरअसल खुद राजीव कुमार ने सीबीआई को पांच बार पत्र लिख कर कहा है कि वह और उनकी पूरी टीम एक साथ सीबीआई के सामने हाज़िर होना चाहती है. सीबीआई ने कभी जवाब नहीं दिया।

अगली सुनवाई 20 को

वेणुगोपाल ने बताया कि सीबीआई के अधिकारियों को बंगाल में परेशान किया जा रहा है। संविधान की प्रक्रिया को ध्वस्त कर दिया गया है। कोर्ट की अवमानना का केस चलाया जाए। इस पर कोर्ट ने डीजीपी, चीफ सेक्रेटरी और पुलिस कमिश्नर को 18 फ़रवरी तक जवाब देने को कहा कि क्या उन्होंने कोर्ट की अवमानना की है? मामले की अगली सुनवाई 20 फ़रवरी को होगी।

कलकत्ता हाईकोर्ट में टली सुनवाई

इस बीच कलकत्ता हाई कोर्ट ने कोलकाता पुलिस प्रमुख राजीव कुमार से जुड़ा मामला सुप्रीम कोर्ट में पहुंचने के कारण इसकी सुनवाई गुरुवार तक के लिए स्थगित कर दी है। बता दें कि कोलकाता पुलिस आयुक्‍त राजीव कुमार सीबीआई पूछताछ के खिलाफ कलकत्‍ता हाई कोर्ट गए थे। उन्‍होंने हाई कोर्ट से सीबीआई पूछताछ से अंतरिम राहत मांगी थी। कलकत्‍ता हाई कोर्ट राजीव कुमार की याचिका पर सुनवाई के लिए तैयार हो गया है और इस मामले में आज सुनवाई की तारीख दी थी।

जांच में सहयोग करना चाहिए

दोनों पक्षों के वकीलों की दलील सुनने के बाद सीजेआई रंजन गोगोई ने उन्हें रोकते हुए कहा- मुझे नहीं लगता कि पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार के पास जांच में सहयोग नहीं करने की कोई वजह होनी चाहिए और उन्हें जांच में सहयोग करना चाहिए। इस पर ममता सरकार की तरफ से अभिषेक मनु सिंघवी ने दलील दी कि सीबीआई सरेंडर करने की मांग कर रही है।

कोर्ट में क्या हुआ?

दरअसल इस मामले की सुनवाई के दौरान एटॉर्नी जनरल ने डीजीपी, मुख्य सचिव और पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार के खिलाफ कोर्ट की अवमानना के तहत कार्रवाई की मांग की। सीबीआई का पक्ष रख रहे केके वेणुगोपाल ने कहा कि सीबीआई के अधिकारियों को हिरासत में लिया गया। जॉइंट डायरेक्टर को पुलिस ने घेर लिया। उनकी पत्नी घर पर थीं, इसलिए उन्होंने दरवाजा नहीं खोला। जब उन्होंने मीडिया को फोन करने की धमकी दी तब पुलिस वाले वहां से गए। यह संवैधानिक नियमों का उल्लंघन है इसलिए हम कंटेंम्प्ट ऑफ कोर्ट की कार्रवाई की मांग करते हैं।

इसलिए शुरू हुआ विवाद?

सीबीआई की 40 अधिकारियों की एक टीम कोलकाता के पुलिस आयुक्त राजीव कुमार से चिटफंड घोटाले के सिलसिले में पूछताछ करने के लिए रविवार को उनके आवास पर गई थी लेकिन टीम को उनसे मिलने की अनुमति नहीं दी गई और उन्हें जीप में भरकर थाने ले जाया गया। टीम को थोड़े समय के लिए हिरासत में भी रखा गया। घटना के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी रविवार की रात 8:30 बजे से धरने पर बैठी हुई हैं। इसे वह ‘संविधान बचाओ’ विरोध प्रदर्शन कह रही हैं।

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