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पश्चिम बंगाल में ''राजनीतिक भूचाल'' से दिल्ली का सियासी पारा चढ़ा, ममता अडिग, CBI को झटका

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ''संविधान बचाओ'' धरने पर बैठी हैं। यह धरना कोलकाता के मेट्रो चैनल के पास चल रहा है। थोड़ी देर का ब्रेक लेने के बाद ममता बनर्जी वापस धरने पर बैठ गई हैं। पश्चिम बंगाल के राजनीतिक भूचाल का असर नई दिल्ली और कई राज्यों की राजधानियों में भी महसूस किया गया। इस मुद्दे पर बनर्जी के आक्रामक रूख का कई क्षेत्रीय दलों ने समर्थन किया, जो लोकसभा चुनावों से पहले गैर भाजपा गठबंधन बनाने का प्रयास कर रहे हैं।

पश्चिम बंगाल में
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी 'संविधान बचाओ' धरने पर बैठी हैं। यह धरना कोलकाता के मेट्रो चैनल के पास चल रहा है। थोड़ी देर का ब्रेक लेने के बाद ममता बनर्जी वापस धरने पर बैठ गई हैं। पश्चिम बंगाल के राजनीतिक भूचाल का असर नई दिल्ली और कई राज्यों की राजधानियों में भी महसूस किया गया।
इस मुद्दे पर बनर्जी के आक्रामक रूख का कई क्षेत्रीय दलों ने समर्थन किया, जो लोकसभा चुनावों से पहले गैर भाजपा गठबंधन बनाने का प्रयास कर रहे हैं। टीएमसी की प्रमुख ममता बनर्जी ने धरना स्थल पर संवाददाताओं से कहा, यह सत्याग्रह है और देश की रक्षा, संविधान की रक्षा होने तक यह जारी रहेगा।
इधर, पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं द्वारा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भाजपा प्रमुख अमित शाह के पुतले जलाए जाने के बीच लोकसभा में केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने पश्चिम बंगाल में उत्पन्न स्थितियों को ‘दुर्भाग्यपूर्ण और अभूतपूर्व' करार दिया। उन्होंने कहा कि यह संवैधानिक व्यवस्था के चरमरा जाने का संकेत है।
श्री सिंह ने लोकसभा में कहा, कल की घटनाएं पश्चिम बंगाल में संवैधानिक व्यवस्थाओं के टूटने की ओर इशारा करती हैं। केंद्र सरकार को देश के किसी भी हिस्से में स्थिति सामान्य बनाए रखने का अधिकार है। सिंह ने राज्यपाल केसरीनाथ त्रिपाठी से रिपोर्ट मांगी है जिसे राजभवन ने तुरंत भेज दिया।
बहरहाल, रिपोर्ट का ब्यौरा पता नहीं चल सका है। कोलकाता के पुलिस आयुक्त राजीव कुमार से सारदा और रोज वैली चिटफंड घोटाले में सीबीआई द्वारा पूछताछ करने का विफल प्रयास भाजपा नीत केंद्र सरकार और बनर्जी के बीच तनातनी का हालिया कारण बन गया है। बनर्जी विभिन्न मुद्दों पर केंद्र सरकार की तीखी आलोचना करती रही हैं।
सीबीआई ने कुमार पर धोखाधड़ी के दोनों मामलों में दस्तावेज नष्ट करने का आरोप लगाया है। कोलकाता पुलिस ने सीबीआई की टीम को कुमार के घर में घुसने से रोक दिया, उन्हें जीपों में ठूंसकर थाने ले गए और हिरासत में रखा। पश्चिम बंगाल पुलिस की टीम ने महानगर में सीबीआई के परिसरों को घेर लिया और कोलकाता के मेट्रो सिनेमा के आगे धरना देने से पहले ममता बनर्जी, कुमार के आवास पर भी गईं।
शारदा और रोज वैली समूह के प्रवर्तकों ने पश्चम बंगाल, ओडिशा, असम, बिहार और झारखंड सहित पूर्वोत्तर के कई राज्यों में लाखों लोगों से ठगी की। सारदा घोटाला करीब चार हजार करोड़ रुपएका है। रोज वैली घोटाला करीब 15 हजार करोड़ रुपए का है।
दोनों चिटफंड कंपनियों से कथित तौर पर जुड़े होने के कारण सांसद कुणाल घोष, सृंजय बोस, सुदीप बंदोपाध्याय, तपस पाल, राज्य के मंत्री मदन मित्रा सहित तृणमूल कांग्रेस के कई नेता गिरफ्तार किए गए। राजनीतिक तापमान बढ़ने के साथ ही तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने विरोध में रेलमार्ग जाम कर दिया। बनर्जी ने कहा, हम शांतिपूर्ण प्रदर्शन चाहते हैं। कृपया यहां कोई पुतला मत जलाइए।

बैनर पर लिखा है...संविधान की रक्षा करो

बनर्जी रविवार की रात से जिस स्थान पर धरना दे रही हैं, वहां बैनर लगे हैं जिन पर लिखा हुआ है- संविधान की रक्षा करो, संघीय ढांचे की रक्षा करो, पुलिस बल को बचाओ, भारतीय प्रशासनिक सेवा और सिविल सेवा के सभी रैंक को खत्म होने से बचाओ।

मर जाऊंगी, लेकिन नहीं करूंगी समझौता

इधर, ममता बनर्जी ने कहा कि मैं अपनी जान देने के लिए तैयार हूं लेकिन कोई समझौता नहीं करूंगी। जब केंद्र ने तृणमूल कांग्रेस के नेताओं को हाथ लगाया तो मैं सड़क पर नहीं आई। मुझे इस बात पर नाराजगी है कि केंद्र ने एक वरिष्ठ पद (कोलकाता पुलिस कमिश्नर) का अपमान किया।

राज्यपाल ने सौंपी रिपोर्ट

राज्य में पैदा हुई स्थितियों के बारे में पश्चिम बंगाल के राज्यपाल केशरीनाथ त्रिपाठी ने केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह को रिपोर्ट सौंप दी है। यह जानकारी राजभवन के सूत्रों ने दी। बहरहाल, रिपोर्ट के ब्यौरा की जानकारी नहीं है। आज सुबह में उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह से बात की।

तीन जजों की पीठ

सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाकर आरोप लगाया कि कोलकाता के पुलिस प्रमुख चिटफंड घोटाला मामलों में दस्तावेज नष्ट करने का प्रयास कर रहे हैं। शीर्ष अदालत ने मंगलवार को मामले की सुनवाई करने का निर्णय किया। सीबीआई की याचिका पर चीफ जस्टिस रंजन गोगाई की अगुवाई में तीन जजों की पीठ मंगलवार को सुनवाई करेगी। इस पीठ में सीजेआई के साथ जस्टिस दीपक गुप्ता और जस्टिस संजीव खन्ना शामिल हैं।
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