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जयंती विशेष: एक थे बापू

संयुक्त राष्ट्र ने महात्मा गांधी के जन्म दिन 2 अक्टूबर को विश्व अहिंसा दिवस के रुप में घोषित किया था।

जयंती विशेष: एक थे बापू
नई दिल्ली. 2 अक्टूबर 1869 में मोहन दास करमचंद गांधी का जन्म हुआ था। सत्य और अहिंसा में अटूट आस्था के लिए गांधी जी का नाम इतिहास के पन्नों में हमेशा के लिए अमर हो गया है। गांधी जी सिर्फ भारत में ही नही बल्कि विदेशों में भी जाने जाते है। आपकों बतातें है कि महात्मा गांधी से जुड़े रोचक तथ्यों के बारे में।
संयुक्त राष्ट्र ने महात्मा गांधी के जन्म दिन 2 अक्टूबर को विश्व अहिंसा दिवस (world non-violence day) के रुप में घोषित किया था। महात्मा गांधी जन्म से बहादुर और बोल्ड नेता नहीं थे। बल्कि वो एक शर्मीले बच्चे हुआ करते थे। उन्होंने अपनी आत्मकथा में लिखा है कि बचपन में इतने शर्मीले थे वो स्कूल से ही भाग जाते थे ।
साल 1930 में उन्हें अमेरिका की टाइम मैगजीन ने “Man Of the Year” से टाइटल से नवाजा था। क्या आपकों पता है कि महात्मा गांधी जीवन में कभी अमेरिका नहीं गए। और ना ही कभी एयर प्लेन में बैठे थे।
साल 1931 की इंग्लैंड यात्रा के दौरान महात्मा गांधी ने पहली बार रेडियो पर भाषण दिया था, ये भाषण उनका अमेरिका के लिए था। रेडियो पर उनका पहला वाक्या था “क्या मुझे इस माइक्रोफोन के अंदर बोलना पड़ेगा?” “Do I have to speak into this thing?”
एक बार महात्मा गांधी का जूता चलती ट्रेन में से नीचे गिर गया था। उन्होंने तुरंत अपना दुसरा जूता भी निकाल कर ट्रेन से बाहर फेंक दिया। गांधी जी से पूछने पर उन्होंने कहा कि एक जूता न तो मेरे काम का है और न ही उसके। कम से कम अब वह आदमी तो दोनों जूते पहन सकेगा जिसे मेरे दोनों जूते मिलेंगे।
गांधी जी अपनी क़ानून की पढ़ाई ख़त्म कर विदेश में वकालत करने लगे, लेकिन वो पूरी तरह असफल हुए थे। यहां तक कि उनके पहले केस में उनकी टांगें काम्पने लगीं थी। और तो और वो पूरी बहस किये बिना ही बैठ गए थे, अपना पहला केस भी हार गए थे।
पहला केस हारने के बाद महात्मा गांधी ने बहुत मेहनत की और दक्षिण अफ्रीका में वो बहुत सफल वकील बन गए। उन दिनों उनकी आमदनी दक्षिण अफ्रीका में 15000 डॉलर सालाना तक हो गई थी। आप अंदाजा लगा सकते हैं कि हमारे देश में कई सारे भारतीयों की सालाना आय आज भी इससे कम है ।
महात्मा गांधी को अपनी फोटो खिचंवाना बिल्कुल पसंद नहीं था, आज़ादी की लड़ाई दौरान वो इकलौते शख्स थे, जिनकी सबसे ज्यादा फोटो ली गई थी। महात्मा गांधी को सम्मान देने के लिए ही एप्पल के संस्थापक स्टीव जॉब्स, गोल चश्मा पहना करते थे।
महात्मा गांधी अपने नकली दांत अपनी धोती में बाँध कर रखा करते थे। वो केवल खाना खाते वक्त ही इसको लगाया करते थे। बापू के बेटे ने उन्हें छोड़ था और इस्लाम धर्म को अपना लिया था। जिस ब्रिटीश सरकार के खिलाफ बापू ने आंदोलन किया था उसी अंग्रेज सरकार ने गांधी की मौत 21 साल बाद उनके नाम से स्टांप जारी किया था।
भारत की आजादी के बाद कुछ पत्रकार गाँधी के पास आए और अंग्रेजी में बात करने लगे। तब गाँधी जी ने उन्हे रोका था और कहा था कि, मेरा देश अब आजाद हो चुका है, अब मैं हिन्दी भाषा ही बोलूँगा। अपनी मौत से एक दिन पहले मोहन दास करमचंद गांधी कांग्रेस को खत्म करने पर विचार कर रहे थे।
गांधी जी को जीवन में उन्हे 5 बार नोबल पुरूस्कार के लिए नामित किया गया था। लेकिन 1948 में पुरूस्कार मिलने से पहले ही उनकी हत्या हो गई। परिणाम स्वरुप नोबल कमेटी ने पुरुस्कार उस साल किसी को नहीं दिया था। गांधी जी की शवयात्रा को आजाद भारत की सबसे बड़ी शवयात्रा कहा गया था। उनकी शवयात्रा में करीब दस लाख लोग साथ चल रहे थे और 15 लाख से ज्यादा लोग रास्ते में खड़े हुए थे।
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