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महात्मा गांधी की हत्या की दोबारा जांच नहीं, नाथूराम गोडसे ने ही की थी हत्या

देश राष्ट्रपिता कहे जाने वाले महात्मा गांधी की हत्या की जांच अब दुबारा कभी नहीं होगी। न्याय मित्र अमरेन्द्र शरण ने उच्चतम न्यायालय को आज बताया कि छह दशक के बाद महात्मा गांधी की हत्या की दोबारा जांच की उन्हें जरूरत महसूस नहीं होती।

महात्मा गांधी की हत्या की दोबारा जांच नहीं, नाथूराम गोडसे ने ही की थी हत्या

देश राष्ट्रपिता कहे जाने वाले महात्मा गांधी की हत्या की जांच अब दुबारा कभी नहीं होगी। न्याय मित्र अमरेन्द्र शरण ने उच्चतम न्यायालय को आज बताया कि छह दशक के बाद महात्मा गांधी की हत्या की दोबारा जांच की उन्हें जरूरत महसूस नहीं होती।

न्यायमित्र की रिपोर्ट में कहा गया कि इसका कोई सबूत नहीं मिलता है कि महात्मा गांधी की हत्या नाथूराम गोडसे के अलावा किसी और ने की थी। रिपोर्ट में ये भी कहा गया कि चौथी गोली की थ्योरी भी किसी भी तरह साबित नहीं होती है। इससे जुड़ा कोई भी साक्ष्य नहीं मिला है।

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सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद 4,000 पन्नों की ट्रायल कोर्ट की रिपोर्ट और साल 1969 की जीवन लाल कपूर इंक्वायरी कमीशन की रिपोर्ट के आधार पर एमीकस क्‍यूरी ने अपनी रिपोर्ट तैयार की है। रिपोर्ट में कहा गया कि इस मामले में दोबारा जांच की जरूरत नहीं है।

गांधी को लगी चार गोलियां

मुंबई के शोधकर्ता और अभिनव भारत के न्यासी डॉ. पंकज फडणीस ने अक्टूबर 2017 में महात्मा गांधी की हत्या की दोबारा जांच करवाए जाने की मांग करते हुए एक याचिका दायर की थी। इसमें दावा किया गया था कि यह (महात्मा गांधी की हत्या से जुड़ी जांच) इतिहास का सबसे बड़ा 'कवर अप्स' (पर्दा डालना) रहा है।

नाथूराम विनायक गोडसे ने तीस जनवरी 1948 को नजदीक से गोली मारकर महात्‍मा गांधी की हत्या कर दी थी। याचिका में दावा किया गया कि बापू की हत्या एक रहस्यमय शख्स ने की है। उस शख्स ने 'चौथी गोली' चलाई थी, जो गांधी की मौत के लिए जिम्मेदार थी।

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