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महाराष्ट्रः पेट्रोल डीजल की बढ़ती कीमतों पर CM देवेंद्र फडणवीस ने दिया बड़ा संकेत, ये है GST लागू होने पर नुकसान

पेट्रोल की कीमतों में रिकॉर्ड बढ़ोत्तरी को लेकर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बयान जारी कर महाराष्ट्र में तेल की कीमतों के जीएसटी के दायरे में लाने के संकेत दिए हैं।

महाराष्ट्रः पेट्रोल डीजल की बढ़ती कीमतों पर CM देवेंद्र फडणवीस ने दिया बड़ा संकेत, ये है GST लागू होने पर नुकसान

पेट्रोल की कीमतों में रिकॅार्ड बढ़ोत्तरी को लेकर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बयान जारी कर महाराष्ट्र में तेल की कीमतों को जीएसटी के दायरे में लाने के संकेत दिए हैं। दरअसल पिछले 11 दिनों से लगातार पेट्रोल की कीमतों में जबदस्त ऊछाल देखने को मिल रहा है।

और जिसकी सबसे अधिक मार मुंबई के लोगों पर पड़ रही हैं। आज पेट्रोल की कीमत में 30 पैसे की बढ़ोत्तरी के बाद मुंबई में एक लीटर पेट्रोल 85.29 रुपए की दर से बिक रहा है।

मुंबई में देश के अन्य हिस्सों के मुकाबले तेल की कीमत के सबसे अधिक होने के चलते मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने तेल की कीमतों को जीएसटी के दायरे में लाने के संकेत दिए है।

मुख्यमंत्री म ने कहा कि तेल पर लगने वाले कई प्रकार के करों में हम पहले ही कटौती कर चुके है। लेकिन अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दामों में निरंतर हो रही बढ़ोत्तरी के कारण तेल की कीमते लगातार बढ़ती जा रही है।

सीएम देवेंद्र फण्डवीस ने कहा कि हम तेल की कीमतों को कंट्रोल करने के लिए इसे जीएसटी के दायरे में लाने के लिए सहमति बना रहे है। जिससे की तेल की बढ़ती कीमतों में रोक लगाई जा सके।

GST लागू करने से मिलेगी राहत

अभी लोगों से पेट्रोल पर 55.5% और डीजल पर 47.3% टैक्स वसूला जाता है। इसमें केंद्र सरकार की सेंट्रल एक्साइज ड्यूटी और राज्य सरकारों का वैट शामिल है। पैट्रोलियम पदार्थो पर 18 फीसदी जीएसटी लगाने पर मुंबई में पेट्रोल की कीमत में 30 रुपए से भी अधिक की गिरावट आ सकती है।

जानकारो के मुताबिक पेट्रोल-डीजल पर अधिकत्तम 28 फीसदी जीएसटी लगाने पर भी मुंबई में पेट्रोल की कीमत 62 रुपए प्रति लीटर के आसपास ही होगी।

GST लागू करने के नुकसान

जानकारों के मुताबिक अगर सरकार मौजूदा हालात में पेट्रोलियम पदार्थो पर लागू टैक्स में मात्र एक रुपए की भी कटौती करती है तो ऐसी स्थति में सरकार को पेट्रोलियम पदार्थो पर लगने वाले टैक्स से होने वाली कमाई में अंदाजन सालाना 13,000 करोड़ रुपए का नुकसान होगा।

और वहीं अगर पेट्रोलियम पदार्थो को जीएसटी के दायरे में लाने पर सरकार कुल टैक्स कलेक्शन में लगभग 2 लाख करोड़ रुपए की कमी होने का आशंका है। ऐसे में पेट्रोलियम पदार्थो को जीएसटी के दायरे में लाना सरकार के लिए एक साहसिक कदम से कम नहीं होगा।

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