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नेस्ले ने सुप्रीम कोर्ट में माना, मैगी के साथ बच्चे खाते रहे हैं सीसा, सुप्रीम कोर्ट ने पूछा...

मैगी (Maggi) के हानिकारक होने का विवाद एक बार फिर से शुरू हो गया है। 2015 में मैगी को लेकर विवाद शुरू हुआ था जो एक बार फिर खबरों में है (Maggi News)। बृहस्पतिवार को मैगी इंस्टेंट नूडल (Maggi Instant Noodles) बनाने वाली कंपनी नेसले (Nestle) के वकीलों ने सुप्रीम कोर्ट ने स्वीकारा है कि 2015 में मैगी में लेड (सीसा) की मात्रा तय सीमा से ज्यादा थी।

नेस्ले ने सुप्रीम कोर्ट में माना, मैगी के साथ बच्चे खाते रहे हैं सीसा, सुप्रीम कोर्ट ने पूछा...
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मैगी (Maggi) के हानिकारक होने का विवाद एक बार फिर से शुरू हो गया है। 2015 में मैगी को लेकर विवाद शुरू हुआ था जो एक बार फिर खबरों में है (Maggi News)। बृहस्पतिवार को मैगी इंस्टेंट नूडल (Maggi Instant Noodles) बनाने वाली कंपनी नेसले (Nestle) के वकीलों ने सुप्रीम कोर्ट ने स्वीकारा है कि 2015 में मैगी में लेड (सीसा) की मात्रा तय सीमा से ज्यादा थी।

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने तीन साल बाद इस मामले में कार्रवाई के लिए सरकार को इजाजत दे दी है। सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ (DY chandrachud) ने नेस्ले के वकील अभिषेक मनु सिंघवी (Abhishek Manu Singhvi) से पूछा कि आखिर हमें मैगी के साथ लेड क्यों खाना चाहिए। इस पर सिंघवी ने जवाब दिया कि मैगी में लेड की मात्रा अनुमेय सीमा के अंदर है। और कई सारे उत्पाद हैं जिनमें लेड पाया जाता है।

क्या था मामला

मैगी इंस्टेंट नूडल (Maggi Instant Noodles) बनाने वाली कंपनी नेस्ले इंडिया (Nestle India) के खिलाफ एनसीडीआरसी (NCDRC) से शिकायत की गई थी। इस शिकायत में कहा गया था कि मैगी में तय मात्रा से ज्यादा लेड (सीसा) पाया जाता है (Led in Maggi)। इस शिकायत के साथ ही 640 करोड़ रुपये का हर्जाना भी मांगा गया था।
उस समय नेस्ले के वकीलों ने कहा था कि मैगी में तय मात्रा से ज्यादा सीसा नहीं पाया जाता। सुप्रीम कोर्ट ने इस सुनवाई पर रोक लगाई थी। लेकिन फिर भी मैगी को देश भर में विरोध का सामना करना पड़ा। अब वकीलों ने माना है कि मैसूर लैब की जांच रिपोर्ट सही थी। और मैगी में जरूरत से ज्यादा लेड था।

सीसा का क्या है नुकसान

सीसा (Led) के कई नुकसान है। इसके लगातार सेवन से खून की कमी हो सकती है। जोड़ों का दर्द हो सकता है। सीखने की क्षमता पर असर पड़ सकता है। किडनी को नुकसान पहुंचा सकता है। साथ ही लीवर के लिए खतरनाक है और न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर हो सकता है।

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