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मैगी का परीक्षण करने वाले लैब गैर मान्यता प्राप्त :नेस्ले

नेस्ले ने कहा, ''नमूना इकट्ठा करने के लिए जिन उपकरणों का इस्तेमाल किया गया वे सभी, पानी, सभी रीजेंट्स भी लेड के संभावित स्रोत थे।

मैगी का परीक्षण करने वाले लैब गैर मान्यता प्राप्त :नेस्ले

मुंबई.नेस्ले इंडिया ने 5 जून को अपने पॉप्युलर मैगी नूडल्स पर प्रतिबंध लगाने को लेकर फूड सेफ्ट एंड स्टेंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया पर निशाना साधा है। नेस्ले का कहना है कि जिन लैबरेटरीज में नूड के नमूनों का परीक्षण किया गया था और बताया गया था कि इसमें लेड की मात्रा बहुत अधिक है, वे लैब मान्यता प्राप्त नहीं हैं इसलिए उन पर भरोसा नहीं किया जा सकता। नेस्ले ने देश भर में आनन-फानन में मैगी पर पाबंदी के आधार पर भी सवाल खड़े किए हैं।

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जानकारी के मुताबिक नेस्ले कंपनी ने एफएसएसएआई द्वारा बॉम्बे हाई कोर्ट में दाखिल किए गए शपथ पत्र के जवाब में जो अपनी याचिका दाखिल की है उसमें सरकारी लैब के परीक्षण परिणामों की वैधता पर आक्रमण किया है। इसने कहा, ' मैगी नूडल्स के सभी नौ वैरियंट्स पर 5 जून को प्रतिबंध लगाने से पहले एफएसएसएआई और इसके सीईओ ने गलत तरीके से अपने शपथपत्र में दावा किया कि विश्लेषण रिपोर्ट उन विश्लेषण पर आधारित है जो मान्यताप्राप्त और अधिसूचित लैब में किया गया है।

नेस्ले ने कहा, 'नमूना इकट्ठा करने के लिए जिन उपकरणों का इस्तेमाल किया गया वे सभी, पानी, सभी रीजेंट्स (विश्लेषण के लिए प्रयुक्त होने वाले केमिकल्स) भी लेड के संभावित स्रोत थे।' इसने कहा कि यूपी के सैंपल्स को जिस कोलकाता रेफरल लैब में भेजा गया था और वहां दिखाया गया था कि मैगी में 17 पीपीएम लेड कॉन्टेंट हैं, उसकी मान्यता भी छिनी जा चुकी है। फूड सेफ्टी ऐंड स्टैंडर्ड्स ऐक्ट, 2006 के खुद के नियम के अनुसार लैब को एनएबीएल से मान्यता प्राप्त होना चाहिए।
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