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मद्रास हाईकोर्ट को जयललिता की मौत पर ''शक''

5 दिसंबर को जयललिता का निधन हो गया था।

मद्रास हाईकोर्ट को जयललिता की मौत पर
तमिलनाडु. तमिलनाडु की दिवंगत जयललिता की मौत पर मद्रास हाई कोर्ट ने सवाल उठाए हैं। मद्रास हाई कोर्ट के जज जस्टिस वैद्यनाथन ने कहा कि मीडिया की तरह मुझे भी जयललिता की मौत पर शक है। वहीं कोर्ट ने यह भी कहा है कि जांच के लिए शव को बाहर निकालने में क्या दिक्कत है।
जयललिता की मौत पर मद्रास हाई कोर्ट ने संदेह व्यक्त किया है। मद्रास हाई कोर्ट के जज जस्टिस वैद्यनाथन ने कहा कि मीडिया की तरह मुझे भी जयललिता की मौत पर शक है। ज्ञात हो कि 5 दिसंबर को जयललिता को निधन हो गया था।जयललिता की मौत पर शक के मामले को लेकर एक याचिका पर सुनवाई करते हुए मद्रास हाईकोर्ट के जज वैद्यलिंगम ने कहा कि मुझे व्यक्तिगत रुप से शक है।
जयललिता की मौत पर कई आशंकाएं-
हाई कोर्ट के जज ने जयललिता की मौत पर संदेह जताते हुए कहा कि मीडिया ने जयललिता की मौत पर कई आशंकाएं जताई हैं, मुझे भी इस मामले में कई आशंकाएं हैं। जब उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया तो कहा गया कि वह प्रॉपर डाइट पर हैं। अब उनकी मौत के बाद कम से कम सच सामने आना चाहिए। बता दें कि पार्टी से निष्कासित एआइएडीएमके नेता शशिकला पुष्पा ने जयललिता की मौत की सीबीआई जांच की मांग की है। शशिकला पुष्पा ने जयललिता की मौत की पर सीबीआई जांच की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका भी दायर कर रखी है।
अभिनेत्री गौतमी ने लिखा था पीएम को खत-
इससे पहले ही दक्षिण की अभिनेत्री गौतमी तड़ीमाला पीएम मोदी को खत लिखकर जयललिता के इलाज और मौत से जुड़े कुछ 'अनसुलझे सवालों' की तरह ध्‍यान आकर्षित करा चुकीं हैं। गौतमी ने खत में जयललिता के संबंध में सूचनाओं को गोपनीय रखने का आरोप लगाते हुए कहा था कि उनका निधन पिछले महीनों की परिस्थितियों के कारण हुआ है। गौतमी ने कहा कि जयललिता का निधन व्‍यथित करने वाला है और उनके इलाज, धीरे-धीरे स्‍वस्‍थ होने की रिपोर्टों और उसके बाद एकदम से मौत की खबर ने बहुत से सवालों को पैदा किया है।
5 दिसंबर को हुआ था जयललिता का निधन-
ज्ञात हो कि 22 सितंबर को फेफड़ों में संक्रमण होने के बाद जयललिता को अस्‍पताल में भर्ती कराया गया था और 5 दिसंबर को उनका निधन हो गया था। उनके निधन के बाद 29 दिंसबर को एआइएडीएमके की जनरल बॉडी की बैठक में शशिकला नटराजन को जयललिता का औपचारिक उत्तराधिकारी चुन लिया गया है। बैठक में शशिकला को सर्वसम्मति से पार्टी का अंतरिम महासचिव चुना गया है। शशिकला जयललिता की सबसे करीबी सहयोगी रही हैं।
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