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MP चुनाव / 230 सीटों पर शाम चार बजे तक 65 % हुई वोटिंग

मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव 2018 के लिए बुधवार को शाम 5 बजे वोटिंग समाप्त हो गई। EVM में खराबी की छिटपुट घटनाओं के आलावा राज्य में मतदान शांतिपूर्ण रहा।

MP चुनाव / 230 सीटों पर शाम चार बजे तक 65 % हुई वोटिंग

मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव 2018 के लिए बुधवार को 230 सीटों पर वोटिंग पूरी हो गई है। शाम चार बजे तक 65 प्रतिशत मतदान हुआ है। राज्य में 100 से ज्यादा मतदान केंद्रों पर EVM और VVPAT मशीनों में खराबी की शिकायतें मिली, कुछ को सही कर लिया गया और कुछ को बदल दिया। जबकि मुख्य निर्वाचन अधिकारी वीएल कांताराव ने कहा कि प्रदेश में 70 स्थानों पर ईवीएम में खराबी आई थी और उन सभी मशीनों को बदल दिया गया है। वहीं कांग्रेस ने इसे भाजपा की हरकत बताई और दिग्विजय ने कहा कि जो EVM मशीनें बदली गई हैं उन्हें पहले 50-100 वोट डाल कर चेक जरूर करें। भाजपा नेता कैलाश विजयवर्गीया घोड़े की बग्गी में बैठकर वोट डालने पहुंचे हैं।

लाइव अपडेट

शाम चार बजे तक 65 प्रतिशत मतदान हुआ है। गुना में एक और इंदौर में दो चुनाव आयोग के अधिकारीयों को कार्डिक अरेस्ट आया जिसके बाद इनकी मौत हो गई। जिसके बाद चुनाव आयोग ने मृतकों के परिवार को 10-10 लाख रुपए देने का ऐलान किया है। वहीं आगर मालवा में 101 वर्षीय बुजुर्ग महिला ने भी अपना वोट डाला।

पुलिस ने सेंट मैरी, भोपाल में एक मतदान केंद्र से बीजेपी के मतदान एजेंटों से अभियान सामग्री जब्त की। क्योंकि यह एक मतदान केंद्र के 200 मीटर के भीतर था। पुलिस ने एक भाजपा एजेंट को हिरासत में ले लिया है।

मतदान के दौरान EVM में हुई गड़बड़ी के बाद उज्जैन में दो, अलीराजपुर में 11 वीवीपीएटी मशीन, बुरहानपुर में 5 वीवीपीएटी और 2 ईवीएम बुरहानपुर में बदले गए हैं। भोपाल पहली बार मतदान करने की ख़ुशी साफ़ दिख रही है।

वहीं मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नर्मदा नदी के किनारे परिवार के साथ पूजा की और उसके बाद बुधनी में वोट डाला। जबकि कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ ने छिंदवाड़ा के हनुमान मंदिर पूजा के बाद वोट डाला।

बता दें कि मिजोरम की 40 सीटों पर भी मतदान जारी है। सुबह 9 बजे तक 15% मतदान हुआ है। पंचों राज्यों के चुनाव के परिणाम 11 दिसंबर को आएंगे।

मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव 2018 का पूरा आंकड़ा

पांच करोड़ 4 लाख 33 हजार मतदाता अपने मताधिकार से कुल 2899 प्रतियाशियों की किस्मत EVM में बंद करेंगे। चुनाव के नतीजे 11 दिसंबर 2018 को आएंगे। सभी 230 विधानसभा क्षेत्रों के लिए 65,367 मतदान केंद्र बनाए गए हैं।

मतदान कराने के लिए इतनी ही पोलिंग पार्टियां तैनात हैं। मतदान के लिए 3 लाख 782 मतदान कर्मी व 1.80 लाख सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है। मतदान केंद्रों पर सुरक्षा के चाक-चौबंद इंतजाम किए गए हैं।

इस चुनाव में कुल 2899 प्रत्याशी मैदान में हैं। इसमें 2644 पुरूष व 250 महिलाएं हैं। थर्ड जेंडर के 5 प्रत्याशी भी अपना भाग्य आजमा रहे हैं। प्रत्याशियों में कुल 1794 सामान्य केटेगरी, 591 अनुसूचित जाति व 514 अनुसूचित जनजाति के प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं।

चुनाव आयोग ने शांतिपूर्ण व सकुशल मतदान के लिए केंद्रीय सुरक्षा बल की 650 से अधिक कंपनियां तैनात की है। 17 हजार क्रिटिकल बूथ बनाए गए हैं। इनमें से 12,363 मतदान केंद्रों पर माइक्रो आब्जर्वर को गड़बड़ी वाले क्षेत्रों में विशेष तौर पर लगाया गया है।

चुनाव आयोग ने 4600 मतदान केंद्रों की वीडियोग्राफी कराने का निर्णय लिया गया है। 6500 मतदान केंद्रों की वेब कास्टिंग व 6700 मतदान केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं।

11,900 मतदान केंद्र पर विशेष तौर पर केंद्रीय सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है। बालाघाट जिले में सुरक्षा के लिए कुल 81 सीएपीएफ की कंपनियां लगाई गई है। यह मप्र में किसी एक जिले में सर्वाधिक है।

सुबह 8 से शाम 5 बजे तक होगा मतदान-

बुधवार को 227 विधानसभा क्षेत्रों में सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक मतदान होगा। 5 बजे के बाद भी यदि मतदान नहीं हो पाता तो लाइन में लगे होने पर मतदान कराया जाएगा। हालांकि बालाघाट जिले के तीन विधानसभा क्षेत्रों में मतदान सुबह 7 बजे से शुरू होकर शाम को 3 बजे तक चलेगा। यह सभी मतदान केंद्र नक्सल प्रभावित हैं।

सुबह 7 बजे होगा मॉक पोल-

प्रदेश के 227 मतदान केंद्रों पर सुबह 7 बजे मॉक पोल हुआ। इस दौरान राजनैतिक पार्टियों के मतदान एजेंट मौजूद रहे। मतदान अधिकारी को यह भी निर्देश हैं कि यदि मतदान एजेंट मौके पर मौजूद नहीं है तो वे निर्धारित समय पर मॉक पोल के बाद मतदान शुरू करवाएं। इसमें बिल्कुल भी देरी नहीं की जाएगी।

ईवीएम की 20 व वीवीपैट के 30 फीसदी अधिक मशीनें-

सभी 65,367 मतदान केंद्रो पर मतदान के लिए इतनी ही ईवीएम व वीवीपैट मशीनें लगाई गई हैं। किंतु मशीनों की खराबी आदि से निबटने के लिए ईवीएम की 20 फीसदी व वीवीपैट की 30 फीसदी अधिक मशीनें व मशीनों को सुधारने वाले इंजीनियरों को तैनात किया गया है। मशीन खराब होने की स्थिति में 30 मिनट के भीतर दूसरी मशीन लगाकर वोटिंग कराई जाएगी।

2 रुपए में चैलेंज वोट की व्यवस्था-

चुनाव आयोग ने इस बार चैलेंज वोट की व्यवस्था कराई है। यदि किसी पोलिंग एजेंट को मतदाता के बारे में कुछ संदेह होता है, अथवा उसे लगता है कि यह व्यक्ति वही मतदाता नहीं है तो वह पीठासीन अधिकारी के पास दो रुपए जमा कराकर चैलेंज वोट करा सकता है। पीठासीन अधिकारी चुनौती की सरसरी तौर पर जांच करेगा। चुनौती सही नहीं पाई गई तो उस व्यक्ति को वोट देने की अनुमति होगी। किंतु सही पाए जाने पर उस व्यक्ति को पुलिस को सौंप दिया जाएगा।

शासकीय सेवक नहीं हो सकता एजेंट-

चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि कोई भी सरकारी सेवक चुनाव एजेंट नहीं हो सकता। पोलिंग एजेंट उसी मतदान क्षेत्र का अथवा नजदीकी क्षेत्र के मतदान केंद्र का मतदाता होना अनिवार्य है। जो उस क्षेत्र के लोगों को जानता हो। उसके पास वैकल्पिक दस्तावेज व पहचान पत्र होना अनिवार्य है।

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