Top
Hari bhoomi hindi news chhattisgarh

केस दर्ज हो नहीं तो जवाब देने के लिए तैयार रहे सरकार: कांग्रेस सांसद विवेक तन्खा

कांग्रेस सांसद विवेक तन्खा ने कहा कि न्यायिक आयोग जांच करे लेकिन उसके पीछे हम सरकार को छुपने नहीं देंगे।

केस दर्ज हो नहीं तो जवाब देने के लिए तैयार रहे सरकार: कांग्रेस सांसद विवेक तन्खा
मध्यप्रदेश के मंदसौर में हुए किसान आंदोल में जिन किसानों की गोली मारकर हत्या की गई है, उनकी एफआईआर तो प्रदेश की भाजपा सरकार को दर्ज कराना होगी। अगर सरकार एफआईआर दर्ज नहीं करती है तो अदालत में जवाब देना होगा।
प्रदेश में पूरी व्यवस्था तहस नहस हो गई है। जिस तरह से प्रदेश चल रहा है, ऐसा कभी नहीं देखा। सरकार के स्तर पर बच्चों जैसी बातें हो रही है। कांग्रेस नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया द्वारा किया जा रहा सत्याग्रह का कोई राजनीतिक मायने नहीं है।
यह सिर्फ और सिर्फ किसानों के हक की लड़ाई है। यह बात मप्र कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व राज्यसभा के सांसद विवेक तन्खा ने हरिभूमि से चर्चा में कही।
उन्होंने प्रदेश सरकार के एक-एक करोड़ रूपए के मुआवजा देने पर सरकार की मंशा पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि पहले तो मुआवजा उसे दिया जाता है,जिसे सरकार ने क्षति पहुंचाई हो। अगर किसानों को क्षति पहुंची है तो वह हत्या है।
उस पर मामला दर्ज कराएं। सरकार क्षति नहीं मानती है तो मुआवजा गलत तरीके से दिया गया है। मप्र सरकार के पास मुआवजा राशि देने की कोई नीति है या नहीं, क्यूँ सीएम अपने मन से अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए इतनी बड़ी रकम दे सकते है।
अगर दे रहे है तो अच्छी बात है, हमें कोई परेशानी नहीं है। यह राशि हर खुदकुशी करने वाले किसानों को मिलनी चाहिए। क्योंकि सरकार की गलत नीतियों और उसकी व्यवस्था से परेशान होकर उन्होंने मौत को गले लगाया है।
आयोग की आड़ में लीपापोती में लगी सरकार
तन्खा ने कहा कि न्यायिक आयोग जांच करे लेकिन उसके पीछे हम सरकार को छुपने नहीं देंगे। सीआरपीसी में किसी भी अपराध की जांच का अधिकार एजेंसी को है, आयोग को नहीं। आयोग की जांच में अदालत में चालान पेशन नहीं किया जा सकता है। सरकार आयोग की आड़ में पूरे मामले की लीपापोती में लगी हुई है।
खुलेआम गोली मारकर हत्या की जाती है तो उसका प्रकरण आईपीसी की धारा में दर्ज होता है। आयोग पूरी जांच करें लेकिन इस मामले में प्रकरण भी दर्ज होना चाहिए। इस मामले में अगर सरकार जनता को जबाव नहीं देती तो अदालत को देना होगा। यह एक बहुत ही गंभीर मामला है।
यह पहले हाईकोर्ट या फिर सुप्रीम कोर्ट भी जाएगा। गोली सरकारी आदेश से ही चलाई जाती है। इसके लिए कलेक्टर, एडीएम और एसडीएम को आदेश देना होता है। अगर आदेश नहीं दिया है और गोली चली है तो वह हत्या है। सरकार को हत्या मानकर इसकी जांच कराना चाहिए।
Next Story
Top