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भाजपा माधुरी दीक्षित को लोकसभा चुनाव में महाराष्ट्र के पुणे से लड़ाना चाहती है !

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) (Bharatiya Janata Party BJP) अभिनेत्री माधुरी दीक्षित नेने (Madhuri Dixit) को लोकसभा चुनाव 2019 (Lok Sabha Chunav 2019) में पुणे सीट (Pune) से मैदान में उतारने पर विचार कर रही है।

भाजपा माधुरी दीक्षित को लोकसभा चुनाव में महाराष्ट्र के पुणे से लड़ाना चाहती है !
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भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) (Bharatiya Janata Party BJP) अभिनेत्री माधुरी दीक्षित नेने (Madhuri Dixit) को लोकसभा चुनाव 2019 (Lok Sabha Chunav 2019) में पुणे सीट (Pune) से मैदान में उतारने पर विचार कर रही है। यह जानकारी पार्टी सूत्रों ने दी। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने ‘संपर्क फॉर समर्थन' अभियान के तहत मुंबई स्थित माधुरी दीक्षित के आवास पर मुलाकात की थी। इस दौरान अमित शाह ने माधुरी दीक्षित को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार (Modi Government) की उपलब्धियों से अवगत कराया था।

राज्य के एक वरिष्ठ भाजपा नेता ने बृहस्पतिवार को पीटीआई-भाषा को बताया कि माधुरी दीक्षित का नाम पुणे लोकसभा सीट के लिए चुना गया है। उन्होंने कहा कि पार्टी आम चुनाव 2019 (Aam Chunav 2019) में माधुरी दीक्षित को उम्मीदवार बनाने पर गंभीरता से विचार कर रही है। हमारा मानना है कि पुणे लोकसभा सीट उनके लिए बेहतर होगी।

भाजपा नेता ने कहा कि पार्टी कई लोकसभा सीटों के लिए उम्मीदवारों के नाम तय करने की प्रक्रिया में है और दीक्षित का नाम पुणे लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र के लिए चुना गया है, इसके लिए उनके नाम पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है। 51 वर्षीय अदाकारा माधुरी दीक्षित ने ‘तेजाब', ‘हम आपके हैं कौन', ‘दिल तो पागल है', ‘साजन' और ‘देवदास' सहित अनेक बॉलीवुड फिल्मों में काम किया है।

वर्ष 2014 में भाजपा ने पुणे लोकसभा सीट कांग्रेस से छीन ली थी और पार्टी उम्मीदवार अनिल शिरोले ने तीन लाख से अधिक मतों के अंतर से जीत दर्ज की थी। माधुरी को चुनाव लड़ाने की योजना के बारे में भाजपा के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने कहा कि इस तरह के तरीके नरेंद्र मोदी ने गुजरात में तब अपनाए थे जब वह पहली बार मुख्यमंत्री बने थे।

उन्होंने स्थानीय निकाय चुनावों में सभी उम्मीदवारों को बदल दिया और पार्टी को उस फैसले का लाभ मिला। उन्होंने कहा कि नए चेहरे लाए जाने से किसी के पास आलोचना के लिए कुछ नहीं था। इससे विपक्ष आश्चर्यचकित रह गया और भाजपा ने अधिक से अधिक सीट जीतकर सत्ता कायम रखी।

नेता के अनुसार, इसी तरह का सफल प्रयोग 2017 में दिल्ली के निकाय चुनावों में भी किया गया जब सभी मौजूदा पार्षदों को टिकट देने से इनकार कर दिया गया। भाजपा ने जीत हासिल की और नियंत्रण बरकरार रखा।

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