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देखिए, लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस-वे पर वायुसेना के टच डाउन का वीडियो, हरक्युलिस सी-130 कैसे हुआ लैंड

लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस-वे दुनिया का सबसे बड़ा माल वाहक विमान हरक्युलिस सी-130 लैंड हुआ।

देखिए, लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस-वे पर वायुसेना के टच डाउन का वीडियो, हरक्युलिस सी-130 कैसे हुआ लैंड

उत्तर प्रदेश के लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस-वे पर मंगलवार को एक बार फिर वायुसेना के लड़ाकू विमानों ने टच डाउन किया। इस दौरान एक्सप्रेस-वे पर वायुसेना के 20 विमानों ने तीन घंटे अभ्यास किया। इसमें 16 फाइटर प्लेन तथा दो माल वाहक विमान डच डाउन शामिल हुए।

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हालांकि सेना के अभ्यास से 302 किलोमीटर लंबे आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे के यातायात पर काफी असर पड़ा। बीते पांच दिनों तेयारियों के चलते यातायात काफी प्रभावित था ही। लेकिन मंगलवार को उन्नाव के पास करीब 60 किलोमीटर का रास्ता तीन घंटों के लिए लिए पूरी तरह बंद कर दिया गया था।

उल्लेखनीय है कि साल 2015 में भी ऐसा किया गया था। लेकिन तब यहां केवल फाइटर जेट उतारे गए थे, उनमें मालवाहक विमान शामिल नहीं थे।

इन विमानों का हुआ 'टच डाउन' और 'टेक ऑफ'

इस अभ्यास में भारतीय वायुसेना के 20 विमानों ने हिस्सा लिया। इनमें लड़ाकू और परिवहन दोनों तरह के विमान शामिल किए गए। मिराज 2000, जगुआर, सुखोई 30 और एएन-32 सबसे प्रमुख विमान रहे।

पहले भी 8 विमान उतर चुके हैं हाइवे पर

इससे पहले साल 2015 में जब आगरा एक्सप्रेस वे की शुरुआत हुर्इ थी तब भी इस पर विमानों ने उतरने और उड़ान भरने का अभ्यास किया था।

हालांकि इस बार की खासियत यह है कि पहली बार यहां वायुसेना के परिवहन विमान इस एक्सप्रेस-वे पर उतरे और उड़ान भरा। साल 2015 में इस एक्सप्रेस-वे के उद्घाटन के मौके पर आठ लड़ाकू जेट विमान इस पर उतरे थे और उड़ान भरी थी।

पहली बार रेसक्यू ऑपरेशन के विमान सड़क पर

जनसंपर्क अधिकारी गार्गी सिन्हा ने बताया कि पहली बार परिवहन विमान इस एक्सप्रेस-वे पर उतरे और उड़ान भरा। एएन 32 विमान ‘ह्यूमैनेटिरियन असिस्टेंट एंड डिजास्टर रिलीफ’ के लिए होते हैं।

बाढ़ या किसी आपदा की स्थिति में ये विमान भारी मात्रा में राहत सामग्री लेकर यहां आ सकता है। ये विमान आपदा के समय अधिक लोगों के रेस्क्यू करने में भी मदद करता है।

यह अभ्यास आपात स्थिति में पायलटों को सड़कों पर ही विमान उतारने और उड़ान भरने के लिए तैयार करने के लिए किया जा रहा है। गौरतलब है कि देश में ऐसा प्रयोग पहली बार 2015 में किया गया था. जब एयरफोर्स के मिराज फाईटर प्लेन ने किसी राजमार्ग पर टच डाउन किया था।

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टच डाउन के चलते बदले गए थे रास्ते

कानपुर से लखनऊ के बीच एक्सप्रेस-वे पर ट्रैफिक बंद होने के कारण एक्सप्रेस-वे पर आने वालों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की गई थी। आगरा से आने वाले वाहन कानपुर के अरौल में एक्सप्रेस-वे से नीचे उतरे।

इसके बाद यहां से गाड़ियां कानपुर की ओर 6 किलोमीटर बढ़ी। बायीं ओर बिल्लौर-बांगरमऊ मार्ग पर मुड़ने के बाद बांगरमऊ पहुंचीं। इसके बाद बांगरमऊ से मियागंज, हसनगंज और मोहान होते हुए लखनऊ की ओर गईं।

लखनऊ से जाने वाले यात्री भी इसी तरह मोहन, हसनगंज, मियागंज, बांगरमऊ होते हुए कानपुर के अरौल से एक्सप्रेस-वे के रास्ते आगे बढ़े।

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