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प्रभु ने रेल यात्रियों को दी सौगात, दिव्यांगों को मिलेगा 3AC में लोअर बर्थ

इसके लिए आवश्यक सॉफ्टवेयर विकसित किया जा रहा है।

प्रभु ने रेल यात्रियों को दी सौगात, दिव्यांगों को मिलेगा 3AC में लोअर बर्थ

दिव्यांगों को अब 3एसी में लोअर बर्थ मिलने में कोई दिक्कत नहीं होगी। भारतीय रेल ने उनकी सुविधा के लिए 3एसी और एक्सप्रेस ट्रेनों में लोअर बर्थ आरक्षित कर दी है। वर्तमान में दिव्यांगों के लिए सिर्फ स्लीपर श्रेणी में ही ऐसे आरक्षण की सुविधा थी।

रेल मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ट्रेनों के 3एसी डिब्बों में ‘दिव्यांगों' के लिए लोअर बर्थ आरक्षित होगा। इसके लिए आवश्यक सॉफ्टवेयर विकसित किया जा रहा है।

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हाल ही में हुई एक घटना में व्हीलचेयर पर बैठे एक एथलीट को लोअर बर्थ मिलने में बहुत दिक्कत आयी थी। अपर बर्थ मिलने के कारण पदक विजेता पैरा-एथलीट सुबराना राज को नागपुर-निजामुद्दीन गरीब रथ एक्सप्रेस में जमीन पर सोना पड़ा था। रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने मामले की जांच के आदेश दिए थे।

सितंबर में मेगा परीक्षा

रेलवे की ऑनलाइन मेगा परीक्षा इस साल के अंत तक होगी। सितंबर में पहले चरण की अधिसूचना जारी होगी जिसमें कुल 1.5 लाख भर्तियां होंगी। परीक्षा में एक से डेढ़ करोड़ अभ्यर्थी शामिल होंगे। रेलवे में अभी तृतीय व चतुर्थ श्रेणी के कुल 2.5 लाख पद रिक्त हैं।

हर महीने 600 बच्चे स्टेशन को बनाते हैं अपना घर

राहुल मिश्रा को रेलवे स्टेशन हमेशा से आकर्षित करते थे लेकिन ऐसे ही किसी स्टेशन का प्लेटफार्म एक दिन उसका घर बन जाएगा, यह उसने कभी नहीं सोचा था। दस वर्षीय राहुल अपने पिता की मार से तंग आकर छह सप्ताह पहले घर से भाग आया था और अब उसने नई दिल्ली रेलवे स्टेशन को अपना घर बना लिया है।

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नालंदा में पचौरी गांव का रहने वाला यह लड़का उन 600 ‘रेलवे बच्चों' में से एक है जो हर महीने नई दिल्ली स्टेशन पर आने वाली ट्रेन से उतरते हैं और प्लेटफार्म को ही अपना घर बना लेते हैं।

नई दिल्ली स्टेशन पर आरपीएफ के अधिकारी प्रताप सिंह ने बताया कि हर दिन करीब 15-20 बच्चे यहां स्टेशन पर आते हैं जिनमें से ज्यादातर उत्तर प्रदेश और बिहार के होते हैं।

एक बार जब ऐसे बच्चे का पता चलता है तो आरपीएफ कर्मी उनकी निजी जानकारियां लिखते हैं और उन्हें काउंसिलिंग के लिए बाल देखभाल संस्थानों में भेज दिया जाता है। अगर वे लौटने की इच्छा नहीं जताते तो उन्हें सरकारी आश्रय स्थलों पर ले जाया जाता है।

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