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नोटबंदी का असर, टमाटर हुआ एक रुपये किलो

अब बाजारों में आलू, टमाटर, प्याज और मटर आदि भी कम दामों पर मिल रहे हैं।

नोटबंदी का असर, टमाटर हुआ एक रुपये किलो
रायपुर. देशभर में नोटबंदी के बाद अब इसका असर बाजारों पर ही नहीं सब्जियों पर भी दिखने लगा है। जहां एक तरफ लोग रोजमर्रा की चीजों पर हो रही महंगाई से परेशान थे वहीं अब बाजारों में आलू, टमाटर, प्याज और मटर आदि सभी के दाम कम हो गए हैं। बुधवार को रायपुर की लोकल चिल्लर मार्केट में टमाटर 3 रुपए किलो तक बिका। कुछ बाजारों में हालांकि टमाटर 5 रुपए किलो में भी बिका। वहीं थोक मार्केट में टमाटर 75 पैसे से 1 रुपए किलो में बिक रहा है।
सबसे सस्ता बैगन 8 से 15 रुपए किलो है। नया आलू दो सप्ताह पहले 25 से 30 रुपए किलो था, जो अब 16 से 20 रुपए किलो बिक रहा है। गोभी 30 रुपए से घटकर 20 रुपए किलो बिक रहा है। नोटबंदी का असर अब सब्जियों पर दिखने लगा है। एक ओर जहां आलू व प्याज 20 रुपये से भी कम दाम पर बिक रहे हैं वहीं हरी मटर पिछले तीन वर्षों के सबसे कम दाम 20 रुपये प्रति किलो पर बिक रही है।
टमाटर के साथ ही आलू की कीमतों में भी काफी महीनों बाद गिरावट आई है। थोक मार्केट में पुराना आलू 500-600 रुपए प्रति क्विंटल तथा नया आलू 1000-1100 रुपए प्रति क्विंटल रहा। चिल्लर में आलू बुधवार को 10 रुपए किलो तक बिका। जबकि प्याज 14 रुपए किलो में बिका। थोक में प्याज 1000-1100 रुपए प्रति क्विंटल बिक रही है। कारोबारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में इनकी कीमतों में और गिरावट आएगी।
तो वही दूसरी तरफ सब्जी व्यापारियों का कहना है कि टमाटर की इस साल भरपूर पैदावार हुई है। इसके चलते लोकल आवक के साथ ही बाहरी आवक भी काफी बढ़ गई है। कुल मिलाकर लोगों की मांग की तुलना में इसकी आपूर्ति काफी अधिक हो गई है। इसके चलते ही टमाटर लगातार सस्ता होते जा रहा है। बुधवार को शास्त्री बाजार के साथ डंगनिया बाजार, टिकरापारा, गोलबाजार, संतोषीनगर में भी टमाटर इन कीमतों पर बिका। सब्जी कारोबारियों का कहना है कि करीब आठ सालों बाद यह पहला मौका होगा जब टमाटर की कीमतें दिसंबर पहले सप्ताह में ही गिर गई। नहीं तो हर साल जनवरी दूसरे हफ्ते तक ही टमाटर इस स्तर पर आता है। इसके पहले हालांकि कुछ सालों पहले आवक कमजोर होने के कारण टमाटर काफी महंगा हो गया था।

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