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कुछ यूं शुरू हुई थी राजीव और सोनिया गांधी की Love Story

सोनिया गांधी का जन्म 9 दिसंबर 1946 को इटली के ट्यूरिन शहर में हुआ था।

कुछ यूं शुरू हुई थी राजीव और सोनिया गांधी की Love Story

इटली के एक छोटे से गांव से निकल कर भारत के सबसे बड़े पॉलिटिकल घराने की बहू बनने की सोनिया गांधी की कहानी किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं लगती है।

सोनिया गांधी का असली नाम एन्‍टोनिया मैनो है। सोनिया का जन्म 9 दिसंबर 1946 को इटली के ट्यूरिन शहर के बाहरी इलाके में स्थित लूसियाना गांव में हुआ।

लेकिन सोनिया गांधी ऐसे ही भारत देश के साथ नहीं जुड़ी थी, इनका देश (भारत) से रिश्ता एक रोमांस से शुरू हुआ था, तो आइए जानते हैं राजीव गांधी और सोनिया गांधी की लव स्टोरी के कुछ अनसुने किस्से...

राजीव गांधी और सोनिया गांधी की पहली मुलाकात

सोनिया और राजीव गांधी की पहली मुलाकात साल 1965 में कैंब्रिज यूनिवर्सिटी के रेस्टोरेंट में हुई थी। रेस्टोरेंट में वार्सिटी में राजवी खाना-खाने के लिए गए थे। चार्ल्स एंटोनी के मुताबिक, एक दिन राजीव अपने दोस्त एलेक्सिस के इंतजार में राउंड टेबल पर अकेले बैठे थे तो मैंने राजीव से पूछा कि 'तुम्हें किसी दूसरे और एक लड़की के साथ बैठने में ऐतराज तो नहीं।' उसी दिन राजीव और सोनिया गांधी की मुलाकात पहली बार हुई थी। पहली मुलाकात में ही दोनों के बीच प्यार हो गया।

रेस्टोरेंट में काम करती थी सोनिया

सोनिया गांधी कैंब्रिज में पढ़ाई के साथ-साथ रेस्टोरेंट में पार्ट टाइम काम भी करती थीं। राजीव गांधी से मिलने के बाद सोनिया उन्हें अपना दिल दे बैठी थीं। जिसेक बाद उन्होंने अपने परिवार को राजीव के बारे में एक खत के जरिए बताया। लेकिन जब बात उनकी शादी की आई तो सोनिया के घरवाले इस शादी के खिलाफ हो गए। क्योंकि राजीव जहां भारत की प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के बेटे थे, तो वहीं सोनिया एक साधारण परिवार से थीं। लेकिन दोनों के प्यार के आगे सभी को झुकना आखिरकार झुकना पड़ा।

सोनिया गांधी पहली बार 1968 में आईं थी भारत

सोनिया गांधी पहली बार भारत 1968 में आईं थी। चूंकि उस समय इंदिरा गांधी भारत की पीएम थी, तो शादी से पहले सोनिया को अपने घर में रखना विरोधियों को मौका देने के समान था। इसलिए सोनिया गांधी के रहने का इतंजाम अमिताभ बच्चन के घर में किया गया था।

अमिताभ के घर हुई राजीव और सोनिया गांधी की शादी

नयनतारा सहगल के अनुसार की जब देश की प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने मेरी मां को बुलाया था। उन्होंने कहा कि फूफी राजीव इटली की रहने वाली एक लड़की से प्यार करती है, तो मेरी मां ने कहा कि ये तो बहुत ही अच्छी बात है। उन्होंने बताया कि मैं उनसे पहली बार तब मिली जब अमिताभ बच्चन के घर उनकी मेहंदी की रस्म चल रही थी। उनके पैरों और हाथों पर मेहंदी रचाई गई और इसके बाद हमने साथ खाना भी खाया था।

पॉलिटिक्स में नहीं आना चाहती थीं सोनिया

राजीव गांधी और सोनिया गांधी की जिंदगी के शुरुआती 13 साल कई उतार-चढ़ाव भरे रहे। पहले 1980 में एक विमान दुर्घटना में देवर संजय गांधी की मौत, उसके चार साल बाद सास और देश की प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या और फिर सात साल बाद पति और प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या से वह पूरी तरह से टूट गई थीं। जिसके बाद कांग्रेस के नेताओं की मांग पर सोनिया गांधी 1997 में पार्टी में शामिल हो गई।

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