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बड़ा खुलासा: अवैध टेलीफोन एक्सचेंज से करांची और रावलपिंडी में लंबी बातें

7 मोबाइल नंबरों का जांच टीम कर रही परीक्षण, नंबरों पर सबसे कम कॉल डूरेशन 28 मिनट का मिला

बड़ा खुलासा: अवैध टेलीफोन एक्सचेंज से करांची और रावलपिंडी में लंबी बातें

अवैध टेलीफोन एक्सचेंज के माध्यम से इंटरनेशनल कॉलिंग में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। इस टेलीफोन एक्सचेंज के माध्यम से पाक के करांची और रावलपिंडी सिटी के सात मोबाइल नंबरों पर लंबी बात की गई है।

इसमें सर्वाधिक काल मुंबई के विरार इलाके से किया गया है। सप्ताहभर में कम से कम दो बार इन नंबरों पर फोन किया जाता था। इनमें कराची के पांच और रावलपिंडी के दो मोबाइल नंबर हैं।

इन कॉल्स की सबसे कम डूरेशन लगभग 28 मिनट की है। अधिकतम एक घंटे 16 मिनट बातचीत की गई है। लंबी कॉल डूरेशन से अफसरों को आशंका है कि इस एक्सचेंज का इस्तेमाल मुंबई और दिल्ली से डी. कंपनी का नेटवर्क संचालित करने में किया गया है।

जांच टीम उन मोबाइल नंबरों का एनॉलेसिस कर रही है। उसके बाद नंबरों की डिटेल मंगाने के लिए पाक एंबेसी को पत्र भेजा जाएगा। दरअसल अवैध टेलीफोन एक्सचेंज संचालित करने का मास्टर माइंड विवेक टंडन उर्फ विक्की महाराष्ट्र के ठाणे जिले के मानपाड़ा का रहने वाला है।

ऐसे में मुंबई के अंडरवल्र्ड से उसके तार जुड़े होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। जांच टीम सातों नंबरों से अंडरवल्र्ड के जुड़े तार की कड़ी को सुलझाने में जुटी है।

संभावना है कि नंबरों की डिटेल मिलने के बाद दिल्ली, मुंबई और उत्तरप्रदेश के बड़े माफिया से पाक में शरण लिए अपराधियों के संबंध उजागर हो सकेेेंगे।

गौरतलब है कि विवेक टंडन समेत 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर अवैध एक्सचेंज का भंडाफोड़ किया गया था। सभी आरोपी न्यायिक अभिरक्षा में जेल में हैं।

मुंबई के 9 हिस्ट्रीशीटर भी पुलिस के राडार पर

एक पुलिस अफसर ने बताया कि मुंबई का विरार और वसई इलाका अंडरवल्र्ड के लिए कुख्यात है।

यहां दाउद इब्राहिम, छोटा शकील समेत दर्जनभर छोटे-बड़े अपराधियों की शरणस्थली है। झुग्गी बस्ती होने की वजह से अपराधियों को छिपने और फरार होने में आसानी होती है।

यही वजह है कि अवैध टेलीफोन एक्सचेंज संचालित करने वाले गिरोह का नेटवर्क यहां से संचालित किया जा रहा था।

यहां के 9 हिस्ट्रीशीटरों ने भी एक्सचेंज के माध्यम से विदशों में कॉल किए हैं। महाराष्ट्र पुलिस की मदद से उनकी डिटेल इकट्ठी की जा रही है।

350 मोबाइल नंबरों का हो रहा परीक्षण

विभागीय सूत्रों के मुताबिक अब तक परीक्षण में 350 फोन नंबर विदशों के मिले हैं, जिन पर मुंबई और दिल्ली से काल किया गया है।

इन सभी नंबरों का परीक्षण किया जा रहा है। कॉल्स रेट सस्ती होने की वजह से सभी नंबरों की कॉल डूरेशन 10 मिनट से अधिक की है। हालांकि पुलिस इसकी पुष्टि नहीं कर रही।

तीन राज्यों में फैला था नेटवर्क

पुलिस के मुताबिक पैरलल अवैध टेलीफोन एक्सचेज संचालित करने के मामले में आठ आरोपियों को दिल्ली ओर मुंबई से गिरफ्तार कर खुलासा किया गया।

उनके पास से सिमकार्ड, आधारकार्ड समेत अन्य सामान बरामद किया गया। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने महाराष्ट्र, दिल्ली और उत्तरप्रदेश में गिरोह का नेटवर्क फैले होने का खुलासा किया।

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