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लोकसभा चुनाव 2019 : इस बार होगा भारत का सबसे बड़ा डिजिटल चुनाव, जानिए क्यों

मतदाताओं तक पहुंच बनाने में सोशल मीडिया की भूमिका को राजनीतिक दलों ने समझ तो करीब एक दशक पहले ही लिया था, लेकिन देश में पिछले लोकसभा चुनावों तक, यानी लोकसभा चुनाव 2014 तक भी इंटरनेट का प्रयोग करने वाले लोग कुल आबादी के 20 फीसदी के बराबर भी नहीं थे। सोशल नेटवर्क से तो दस फीसदी लोग भी नहीं जुड़े हुए थे। इसके बावजूद भाजपा और कांग्रेस सहित कई बड़े राजनीतिक दलों ने सोशल मीडिया के माध्यम से वोटर को प्रभावित करने में बड़ी ताकत झोंकी थी।

लोकसभा चुनाव 2019 : इस बार होगा भारत का सबसे बड़ा डिजिटल चुनाव, जानिए क्यों

मतदाताओं तक पहुंच बनाने में सोशल मीडिया की भूमिका को राजनीतिक दलों ने समझ तो करीब एक दशक पहले ही लिया था, लेकिन देश में पिछले लोकसभा चुनावों तक, यानी लोकसभा चुनाव 2014 तक भी इंटरनेट का प्रयोग करने वाले लोग कुल आबादी के 20 फीसदी के बराबर भी नहीं थे। सोशल नेटवर्क से तो दस फीसदी लोग भी नहीं जुड़े हुए थे। इसके बावजूद भाजपा और कांग्रेस सहित कई बड़े राजनीतिक दलों ने सोशल मीडिया के माध्यम से वोटर को प्रभावित करने में बड़ी ताकत झोंकी थी। लोकसभा चुनाव 2019 अब तक का सबसे बड़ा डिजिटल चुनाव है। आइए जानते हैं क्यों।

94% शहर वाले मोबाइल में इंटरनेट यूज करते हैं

एक सर्वे के अनुसार शहरी क्षेत्रों में औसतन 94 फीसदी लोग अपने मोबाइल फोन से इंटरनेट का इस्तेमाल करते हैं। ग्रामीण इलाकों में भी यह संख्या बढ़ती जा रही है। ऐसे में वोट हासिल करने के लिए स्मार्ट फोन सबसे बड़ा माध्यम बन सकता है। इस लिहाज से इस बार लोकसभा के लिए अब तक का 'सबसे बड़ा डिजिटल चुनाव' भी होगा। वोट हासिल करने के लिए स्मार्ट मोबाइल फोन बन सकता है सबसे बड़ा माध्यम।

भारत में स्मार्ट फोन यूजर्स

वर्ष संख्या (अनुमानित)

2014 12,84,23,100

2018 27,91,80,000

2019 31,71,48,000

भारत में इंटरनेट यूजर्स

वर्ष संख्या (अनुमानित)

2014 23,31,52,478

2018 48,30,00,000

2019 52,53,00,000

सोशल नेटवर्क यूजर्स

वर्ष संख्या (अनुमानित)

2014 10,60,00,000

2018 32,61,00,000

2019 35,14,00,000

भारत में फेसबुक यूजर्स

वर्ष संख्या (अनुमानित)

2014 9,20,00,000

2018 28,10,00,000

2019 31,36,00,000

6 लाख में से 43 हजार गांवों में मोबाइल सेवा नहीं

संचार मंत्री मनोज सिन्हा की ओर से पिछले साल लोकसभा में दी गई जानकारी के अनुसार जुलाई 2018 तक देश के कुल 5,97,618 गांवों (वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार आबादी वाले गांव) में से 43,088 गांव मोबाइल सेवा से जुड़े हुए नहीं थे। सिन्हा ने बताया था कि देश की करीब 88 फीसदी आबादी को 3जी और 4जी सुविधा उपलब्ध थी।

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